
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। जहां भाजपा अपने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन की तैयारी में जुटी है, वहीं कांग्रेस में उम्मीदवार चयन के बाद अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, लेकिन पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यही वजह है कि चुनाव से पहले राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
BJP उम्मीदवारों के नामांकन की तैयारी पूरी
भाजपा की ओर से राज्यसभा के लिए घोषित उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल आज नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं। पार्टी संगठन ने इसके लिए व्यापक तैयारियां की हैं। भोपाल में नेताओं और विधायकों की सक्रियता बढ़ गई है और इसे भाजपा की शक्ति प्रदर्शन रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस में उम्मीदवार चयन पर उठे सवाल
कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के कई नेताओं ने समर्थन जताया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से नटराजन को बधाई देते हुए उनका समर्थन किया है। लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं की नाराजगी भी सामने आई है।
कमलनाथ की चुप्पी बनी चर्चा का विषय
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रतिक्रिया को लेकर हो रही है। शुक्रवार रात तक उनकी ओर से उम्मीदवार चयन पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस के अंदर जारी असहमति से जोड़कर देख रहे हैं।
नरेश ज्ञानचंदानी ने उठाए सवाल
भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया के जरिए उम्मीदवार चयन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से लिखा कि राज्यसभा उम्मीदवार चुनते समय अधिक सावधानी बरती जानी चाहिए थी। उनके अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में क्रॉस वोटिंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
दिग्विजय सिंह की जगह कई नेताओं ने ठोकी थी दावेदारी
राज्यसभा की यह सीट कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। दिग्विजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहते। हालांकि पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं ने इस सीट के लिए दावेदारी जताई थी। सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में था।
आज कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक
कांग्रेस विधायक दल की शनिवार को पीसीसी कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक में प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में एकजुटता दिखाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं और चुनावी रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
8 जून तक दाखिल होंगे नामांकन
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। इसके लिए 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। फिलहाल इनमें से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के पास है। भाजपा ने अपने मौजूदा सांसदों को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ने से पहले ही इंकार कर चुके हैं।
क्या बढ़ेगा कांग्रेस का सिरदर्द?
राज्यसभा चुनाव आमतौर पर संख्या बल का खेल माना जाता है, लेकिन जब पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगें तो राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
कांग्रेस नेतृत्व अब इस चुनौती से जूझ रहा है कि उम्मीदवार चयन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच संगठनात्मक एकजुटता कैसे बनाए रखी जाए। ऐसे में शनिवार की बैठक और आने वाले कुछ दिन चुनावी तस्वीर को काफी हद तक स्पष्ट कर सकते हैं।
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