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MP में राशन सिस्टम बदलने की तैयारी: अब बायोमेट्रिक नहीं, फेस रिकग्निशन से मिलेगा अनाज, करोड़ों लोगों पर असर

15 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP में राशन सिस्टम बदलने की तैयारी: अब बायोमेट्रिक नहीं, फेस रिकग्निशन से मिलेगा अनाज, करोड़ों लोगों पर असर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में फ्री राशन लेने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। अब अंगूठा लगाकर नहीं, बल्कि चेहरे की पहचान से राशन मिलेगा। सरकार नई तकनीक के जरिए सिस्टम को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है।


5 करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ेगा असर

प्रदेश में इस समय करीब 5,38,07,137 लोग मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। यह संख्या राज्य की कुल आबादी का आधे से ज्यादा हिस्सा है। ऐसे में नियमों में होने वाला यह बदलाव सीधे करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा—और यही इसे बेहद अहम बनाता है।


कब लागू होगा नया सिस्टम?

सरकार की योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में फेस रिकग्निशन आधारित राशन वितरण लागू कर दिया जाएगा। फिलहाल बायोमेट्रिक सिस्टम से राशन दिया जाता है, लेकिन नई तकनीक के आने से प्रक्रिया और तेज व पारदर्शी होने की उम्मीद है।


कैसे काम करेगा फेस रिकग्निशन?

नई व्यवस्था में लाभार्थियों के चेहरे का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके बाद AI आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिए उनकी पहचान कर राशन दिया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा रोकने और सही व्यक्ति तक राशन पहुंचाने में मदद मिलेगी—जो सिस्टम की सबसे बड़ी चुनौती रही है।


हर महीने लाखों टन राशन का वितरण

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ मार्च महीने में ही करीब 2.72 लाख मीट्रिक टन राशन 1.24 करोड़ परिवारों को वितरित किया गया। जिन परिवारों को अभी तक राशन नहीं मिला है, उन्हें 15 अप्रैल तक वितरण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


दूसरे राज्यों और जिलों में भी मिल रहा राशन

प्रदेश में 36,486 परिवार ऐसे हैं जो अन्य राज्यों में राशन ले रहे हैं, जबकि 7,252 बाहरी परिवार मध्य प्रदेश में इसका लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा 18.55 लाख से ज्यादा परिवार अंतर-जिला पोर्टेबिलिटी के तहत कहीं भी राशन ले सकते हैं—जो इस योजना की लचीलापन दिखाता है।

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