
भोपाल। मध्य प्रदेश में धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत ग्रामीणों को संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है, जबकि अब तक प्रदेश में 17 लाख 9 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मुरैना जिले के ग्राम करुआ पहुंचकर स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में शामिल होंगे। प्रदेश के चयनित गांवों में पात्र हितग्राहियों की संपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
धनतेरस पर गांवों में चलेगा विशेष रजिस्ट्री अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, धनतेरस के मौके पर प्रदेशभर में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के चयनित ग्रामों में पात्र हितग्राहियों की संपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराया जाएगा। इस अभियान में मंत्री, सांसद और विधायक भी मौजूद रहेंगे।
17.09 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां पूरी, 20 लाख का लक्ष्य
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक प्रदेश में 17 लाख 9 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं। धनतेरस पर चलाया जा रहा विशेष अभियान निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा संपत्ति का कानूनी अधिकार
स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत गांवों में स्थित मकानों और अन्य संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जाता है। इसके बाद पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख और संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज दिए जा रहे हैं।
बैंक लोन और वित्तीय सुविधाएं लेना होगा आसान
संपत्ति के वैधानिक दस्तावेज मिलने से ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक गतिविधियों के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध होने से लोगों को बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी।
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