
भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क हादसे कम हुए, लेकिन मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पेश किए गए ताजा आंकड़ों ने राज्य की सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर तस्वीर सामने रखी है।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 142 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और करीब 40 लोगों की जान जा रही है। देशभर के आंकड़ों में तमिलनाडु सबसे अधिक सड़क हादसों वाला राज्य है, जबकि उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या सबसे ज्यादा दर्ज की गई।
2021 से 2025 तक कैसा रहा मध्य प्रदेश का रिकॉर्ड?
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2021 से 2024 के बीच मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों, दोनों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई। 2025 में कुल सड़क हादसों की संख्या घटकर 52,125 रही, जबकि 2024 में यह 56,669 थी। इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 14,842 पहुंच गया, जिससे स्पष्ट है कि दुर्घटनाएं पहले की तुलना में अधिक घातक साबित हुईं।
देश के अन्य राज्यों की स्थिति
सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में तमिलनाडु देश में पहले स्थान पर है।
उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 136 हादसे होते हैं।
उत्तर प्रदेश में हर दिन करीब 75 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है, जो देश में सबसे अधिक है।
मध्य प्रदेश में औसतन 142 हादसे और 40 मौतें प्रतिदिन दर्ज की गई हैं।
सड़क हादसे रोकने के लिए 4E रणनीति
केंद्र और राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए 4E (Education, Engineering, Enforcement, Emergency Care) मॉडल पर काम कर रही हैं।
Education and Awareness
ड्राइविंग प्रशिक्षण और जागरूकता बढ़ाने के लिए IDTR (Institute of Driving Training and Research) तथा RDTC (Regional Driving Training Centre) स्थापित किए जा रहे हैं। हर वर्ष राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह और सड़क सुरक्षा समर्थन योजना के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
Engineering (Road & Vehicle Engineering)
राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने का काम जारी है। नए और पुराने हाईवे के लिए थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है।
वाहनों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए निम्न सुविधाएं अनिवार्य हैं—
फ्रंट एयरबैग
ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम)
ओवरस्पीड वॉर्निंग सिस्टम
रिवर्स पार्किंग सेंसर
सीटबेल्ट रिमाइंडर
साथ ही वाहनों की सुरक्षा जांच के लिए Bharat NCAP क्रैश टेस्ट रेटिंग भी लागू की गई है।
Enforcement and Technology
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान लागू है।
शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी के लिए CCTV कैमरे, स्पीड रडार, ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे, ई-चालान प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।
Emergency Care
PM-राहत योजना (2025) के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने और कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राह-वीर (Good Samaritan) योजना में घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति के लिए प्रोत्साहन राशि ₹5,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है। हिट एंड रन मामलों में गंभीर चोट पर मुआवजा ₹12,500 से बढ़ाकर ₹50,000 और मृत्यु होने पर ₹25,000 से बढ़ाकर ₹2,00,000 किया गया है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

