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MP में 100 करोड़ का गोल्ड-कैश मामला: पूर्व RTO आरक्षक सौरभ शर्मा की संपत्ति जब्त होगी, आयकर विभाग की कार्रवाई को मंजूरी

05 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP में 100 करोड़ का गोल्ड-कैश मामला: पूर्व RTO आरक्षक सौरभ शर्मा की संपत्ति जब्त होगी, आयकर विभाग की कार्रवाई को मंजूरी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मध्य प्रदेश के चर्चित गोल्ड और कैश बरामदगी मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपये के सोने और नकदी को अब जब्त किया जाएगा। आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल की बेनामी निषेध इकाई (BPU) द्वारा की गई कार्रवाई को सही ठहराया है। जांच में यह भी स्पष्ट किया गया कि बरामद सोने का वास्तविक मालिक सौरभ शर्मा है।


मेंडोरी में कार से मिला था 51 किलो सोना और करोड़ों की नकदी

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब भोपाल के मेंडोरी इलाके में 18 और 19 दिसंबर की रात एक इनोवा कार से भारी मात्रा में सोना और नकदी बरामद हुई थी।


बरामदगी में शामिल था:


51.8 किलोग्राम सोना


11.6 करोड़ रुपये नकद


एक इनोवा कार


इस घटना के बाद आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों ने मामले की गहन जांच शुरू की थी।


अगस्त 2025 में की गई थी अस्थायी कुर्की

भोपाल स्थित आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई ने पीबीपीटी अधिनियम 1988 (Prohibition of Benami Property Transactions Act) के तहत अगस्त 2025 में इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था। उस समय जब्त सोना, नकदी और वाहन की कुल कीमत करीब 52 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन जांच एजेंसियों के अनुसार मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर इनकी कीमत अब लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी की मंजूरी के बाद अब इन संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


चेतन सिंह गौर को बताया गया बेनामीदार

जांच में आयकर विभाग की बेनामी विंग ने इस पूरे लेनदेन को बेनामी संपत्ति से जुड़ा मामला माना है।


पीबीपीटी अधिनियम की धारा 2(9)(A) के तहत चेतन सिंह गौर को बेनामीदार घोषित किया गया। सौरभ शर्मा को इस संपत्ति का वास्तविक मालिक माना गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि संपत्ति किसी और के नाम पर रखी गई थी, जबकि असली नियंत्रण सौरभ शर्मा के पास था।


32 से ज्यादा संपत्तियों की जांच जारी

इस मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। आयकर विभाग सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी 32 से अधिक अचल संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच कर रहा है। इन संपत्तियों से जुड़े मामलों पर एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी का फैसला अभी आना बाकी है।


ED और आयकर विभाग की भी कार्रवाई

इस पूरे मामले में शुरुआत में लोकायुक्त की जांच सामने आई थी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग भी सक्रिय हो गए।


फरवरी 2025: ED ने सौरभ शर्मा और उसके करीबियों को गिरफ्तार किया


करीब 92 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की गई


हालांकि विधानसभा में सरकार की ओर से यह कहा गया कि मामले में अभी जानकारी जुटाई जा रही है, जिस पर विपक्ष ने सवाल भी उठाए हैं।

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