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मध्य प्रदेश में ग्रामीण बस परिवहन का विस्तार, 2030-31 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक बस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी

30 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में ग्रामीण बस परिवहन का विस्तार, 2030-31 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक बस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। विजन 2030-31 के तहत प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक सार्वजनिक बस सेवाएं पहुंचाने की योजना है। इसके लिए 15 हजार से ज्यादा बसों और 5 हजार से अधिक नए रूट का नेटवर्क तैयार करने की तैयारी है।


योजना पूरी होने पर हर दिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को बस सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने के लिए 180 से ज्यादा बस डिपो और टर्मिनल भी विकसित किए जाएंगे।


2030-31 तक प्रदेश में 15 हजार से अधिक बसें चलाने का लक्ष्य

मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड ने अपने विजन 2030-31 में सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत बस सेवाओं का दायरा शहरी क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।


योजना के प्रमुख लक्ष्य इस प्रकार हैं:

- 15 हजार से अधिक सार्वजनिक बसों का संचालन।

- 5 हजार से ज्यादा नए बस मार्गों का विकास।

- प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को परिवहन सुविधा।

- प्रदेश में 180 से अधिक बस डिपो और टर्मिनल का निर्माण एवं विकास।


75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी बस सेवा

इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य प्रदेश की तीन-चौथाई ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक बस परिवहन से जोड़ना है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए मार्ग तैयार किए जाएंगे।


नियमित बस सुविधा मिलने से गांवों में रहने वाले लोगों को पढ़ाई, नौकरी, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार से जुड़े कामों के लिए शहरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। जिन इलाकों में अभी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध नहीं है, उन्हें इस विस्तार में प्राथमिकता के साथ शामिल करने का लक्ष्य है।


अभी सात शहरों में चल रही हैं 351 बसें

प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन का मौजूदा संचालन मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत किया जा रहा है। इस सेवा के अंतर्गत अभी सात प्रमुख शहरों में 351 बसें यात्रियों को सुविधा दे रही हैं।


आगामी वर्षों में इसी व्यवस्था का दायरा बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए बस मार्गों का विकास और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।


चरणों में लागू होगी परिवहन विस्तार की योजना

विजन 2030-31 के लक्ष्यों को एक साथ लागू करने के बजाय अलग-अलग चरणों में पूरा करने की तैयारी है। ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन जरूरतों के मुताबिक रूट विकसित किए जाएंगे और बस संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।


डिपो और टर्मिनल का विस्तार भी इसी योजना का हिस्सा है। इससे बसों के संचालन के साथ यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का नेटवर्क मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

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