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स्कूल बसों पर बड़ा एक्शन, 17 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में होगी जांच, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय

10 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
स्कूल बसों पर बड़ा एक्शन, 17 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में होगी जांच, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त विशेष अभियान शुरू कर दिया है। 17 जुलाई तक चलने वाली इस कार्रवाई के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में स्कूल बसों, वैन और अन्य स्कूली वाहनों की व्यापक जांच होगी।


इस अभियान में केवल दस्तावेजों की ही नहीं, बल्कि वाहनों में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों के पालन की भी विस्तार से पड़ताल की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।


किन बिंदुओं पर होगी जांच

जांच के दौरान अधिकारियों की टीम निम्न बिंदुओं की जांच करेगी—

  • वाहन की फिटनेस

  • वैध परमिट

  • पंजीयन प्रमाण-पत्र

  • बीमा

  • प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC)

  • चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस

  • परिचालक (कंडक्टर) की उपलब्धता

  • GPS की व्यवस्था

  • फर्स्ट-एड बॉक्स

  • अग्निशामक यंत्र

  • आपातकालीन निकास

  • CCTV (जहां लागू हो)


स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित अन्य सुरक्षा मानकों का पालन


चालक के व्यवहार और संचालन की भी होगी समीक्षा

अभियान के दौरान केवल वाहन की तकनीकी स्थिति ही नहीं देखी जाएगी, बल्कि चालक के आचरण, सुरक्षित वाहन संचालन की पद्धति और मोटरयान अधिनियम के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्कूल वाहनों के लिए तय दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा होगी।


जून अभियान में सामने आई थीं गंभीर अनियमितताएं

पुलिस परिवहन शोध संस्थान (PTRI) ने परिवहन विभाग के समन्वय से जून में यात्री बसों के लिए विशेष जांच अभियान चलाया था। इस दौरान पूरे प्रदेश में 12,909 बसों की जांच की गई। जांच में 4,787 बसें बिना फिटनेस, बिना परमिट या अन्य आवश्यक वैध दस्तावेजों के संचालित मिलीं। इनके खिलाफ चालान बनाकर करीब ₹33 लाख का अर्थदंड वसूला गया।


22 बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र किए गए निरस्त

जून की जांच में 128 बसों में सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां मिलीं। कई वाहनों में आपातकालीन निकास उपलब्ध नहीं था, जबकि कुछ बसों में निकास वाले स्थान पर अतिरिक्त सीटें लगा दी गई थीं।


इन अनियमितताओं के बाद परिवहन विभाग ने 22 बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए, जिससे उनका पंजीयन भी निलंबित हो गया। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ अन्य बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है।

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