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साइंस-टेक्नोलॉजी पर मोहन सरकार का बड़ा दांव, 5 साल में 492 करोड़ से ज्यादा की योजनाएं; 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

18 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
साइंस-टेक्नोलॉजी पर मोहन सरकार का बड़ा दांव, 5 साल में 492 करोड़ से ज्यादा की योजनाएं; 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अगले पांच वर्षों के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में साइंस-टेक्नोलॉजी से जुड़ी 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को मंजूरी देने की जानकारी सामने आई। सरकार के मुताबिक प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का बजट अब बढ़कर 734 करोड़ रुपये हो गया है।


कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का फोकस विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन और युवाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित गतिविधियों को और विस्तार दिया जाएगा।


कांग्रेस के 6 करोड़ के बजट से 734 करोड़ तक पहुंचा आंकड़ा

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए करीब 6 करोड़ रुपये का बजट हुआ करता था। इसके मुकाबले भाजपा सरकार में यह बजट बढ़कर 734 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार का कहना है कि बजट में इस बढ़ोतरी से प्रदेश में विज्ञान और तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट, रिसर्च, इनोवेशन और युवाओं के लिए नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।


5 साल में 492 करोड़ से ज्यादा की योजनाएं

कैबिनेट मंत्री के मुताबिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अगले पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का प्रावधान किया गया है। सरकार इन योजनाओं के जरिए प्रदेश में साइंस और टेक्नोलॉजी के इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दे रही है। सरकार का फोकस केवल संस्थागत स्तर पर नहीं, बल्कि युवाओं और स्कूली बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर भी है।


एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग

मध्यप्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI स्किल को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक आगामी एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना भी बताई गई है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी डिजिटल माध्यम से बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।


गांव-गांव और स्कूल-स्कूल चलेगा टैलेंट हंट

कैबिनेट बैठक में खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए भी अभियान की जानकारी दी गई। 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान के लिए गांव और स्कूल स्तर पर टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें आगे चलकर उत्कृष्ट खिलाड़ी के तौर पर तैयार किया जा सके।


पीएम मोदी की ‘सप्त धारा’ में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर जोर

मंत्री राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सप्त धारा’ की अवधारणा का भी उल्लेख किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर को प्रमुख क्षेत्रों के तौर पर बताया गया। सॉफ्ट पावर के तहत योग, अध्यात्म, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्म, क्रिएटिव सेक्टर, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्र शामिल हैं।


11 इंडस्ट्रियल पार्कों के प्रस्ताव भेजे

कैबिनेट मंत्री ने केंद्र सरकार की BHAVYA योजना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र की इस योजना के तहत मध्यप्रदेश ने पहले चरण के पहले राउंड में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। सरकार के मुताबिक मध्यप्रदेश की ओर से योजना के तहत की गई पहल की केंद्र सरकार ने सराहना की है।


नर्मदा के लिए ‘अविरल मां नर्मदा मिशन’

कैबिनेट बैठक में नर्मदा नदी को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। सरकार ने ‘अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को मंजूरी दी है। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नदी है और प्रदेश की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़ी हुई है। मिशन का उद्देश्य नर्मदा के जल को अविरल बनाए रखने के साथ जल संरक्षण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है।


करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये के फैसलों का दावा

कैबिनेट मंत्री के मुताबिक प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, तकनीकी प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।


सरकार के इन फैसलों से साफ है कि मध्यप्रदेश में आने वाले वर्षों के लिए टेक्नोलॉजी, AI, युवाओं के कौशल विकास, औद्योगिक विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को विकास के बड़े एजेंडे से जोड़ा जा रहा है।

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