
भोपाल। प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में नागरिकों से जुड़ी जनसेवा गतिविधियां क्रमबद्ध रूप से आयोजित की जाएंगी। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 सितंबर को हुई बैठक में अभियान को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने जिलों में अभियान की एक माह की माइक्रो प्लानिंग तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
घर-घर से जनभागीदारी तक होंगे कार्यक्रम
अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत हितग्राही परिवारों के घर दीप प्रज्ज्वलन, ‘सेवा चित्र’ के तहत राष्ट्रव्यापी ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिता, ‘सेवा स्मरण’ में संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां और ‘आंगन का मिलन’ के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान तथा बच्चों और माताओं की भागीदारी होगी। इसी तरह ‘कहानी बदलाव’ में सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की सफलता की कहानियां सामने लाई जाएंगी। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में गांव से जिला स्तर तक जनभागीदारी यात्रा निकलेगी, जबकि ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ वड़नगर (गुजरात) से वाराणसी तक आयोजित होगी। ‘सेवा-मेरा योगदान’ के तहत 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
एक छत के नीचे योजनाओं का लाभ
‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत सेवा सेतु केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर आम नागरिकों को एक ही स्थान पर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था होगी। ‘सेवा के रंग’ अभियान में घर-घर से राष्ट्र तक आभार और संकल्प की रंगोली बनाई जाएगी। वहीं राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में विद्यार्थी, युवा, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट इनोवेटर्स और जमीनी स्तर पर नए समाधान विकसित करने वाले लोगों को जोड़ा जाएगा। वहीं, ‘जन सेवक महाकुंभ’ में पंचायत से संसद तक देशभर के सरपंचों व जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। ‘25 साल, 25 कहानियां’ के तहत नेशनल अनबॉक्सिंग गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को जिलों की कमान
अभियान की मॉनिटरिंग और समन्वय के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को जिलों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी अभियान की पूरी अवधि में प्रतिदिन होने वाले कार्यक्रमों की माइक्रो प्लानिंग में कलेक्टर को सहयोग और मार्गदर्शन देंगे। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम तैयार कर यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी कार्यक्रम शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से संचालित हों। नोडल अधिकारियों को अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के साथ आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने तथा जिले के प्रभारी मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद एवं समन्वय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। 17 सितंबर को सभी नोडल अधिकारी अपने प्रभार वाले जिले में पूरे दिन मौजूद रहेंगे और ‘आशीर्वाद का दीया’ सहित उस दिन आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से भाग लेंगे।
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