
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूल छोड़ चुके छात्रों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को ‘शिक्षा घर योजना’ को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। अब इसी शैक्षणिक सत्र से योजना को लागू करने की तैयारी शुरू होगी। सरकार का फोकस उन हजारों युवाओं पर है, जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी थी। खास बात यह है कि योजना सीधे ड्रॉपआउट दर कम करने पर असर डाल सकती है।
शिक्षा घर योजना से किन छात्रों को मिलेगा फायदा?
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ उन किशोर-किशोरियों और युवक-युवतियों को मिलेगा, जिन्होंने कक्षा 8 या उससे आगे की पढ़ाई के दौरान असफल होने के बाद स्कूल छोड़ दिया था। सरकार अब ऐसे छात्रों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। इससे उन परिवारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके बच्चे आर्थिक या मानसिक दबाव में पढ़ाई छोड़ बैठे थे।
ड्रॉपआउट दर घटाने पर सरकार का बड़ा फोकस
प्रदेश सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्र असफलता के बाद शिक्षा से दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि ‘शिक्षा घर योजना’ को सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि “दूसरा अवसर” मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है। अगर यह योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में बड़ी कमी आ सकती है। यही वजह है कि विभाग को जल्द कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों की हालत पर भी सरकार सख्त
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल भवनों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलों में मौजूद आंशिक रूप से जर्जर स्कूलों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षण व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि सरकार सिर्फ नामांकन नहीं, बल्कि पढ़ाई का माहौल सुधारने पर भी जोर दे रही है।
पाठ्यक्रम में शामिल होगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। सरकार का उद्देश्य छात्रों को भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बताया जा रहा है। आने वाले सत्रों में इसका असर पाठ्यक्रम में दिखाई दे सकता है।
14 योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की 14 योजनाओं को जारी रखने पर भी सहमति दी। अधिकारियों को इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ‘शिक्षा घर योजना’ जमीन पर कितनी तेजी से लागू होती है और कितने ड्रॉपआउट छात्रों की पढ़ाई फिर से शुरू हो पाती है।
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