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MP SIR Report: मुख्यमंत्री-मंत्रियों के इलाकों से लाखों नाम कटे, नए वोटर जोड़ने में सुस्ती

28 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP SIR Report: मुख्यमंत्री-मंत्रियों के इलाकों से लाखों नाम कटे, नए वोटर जोड़ने में सुस्ती

MP SIR Report: मुख्यमंत्री-मंत्रियों के इलाकों से लाखों नाम कटे, नए वोटर जोड़ने में सुस्ती

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए चली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। आंकड़े बता रहे हैं कि जिन इलाकों से सरकार की कमान संभालने वाले नेता आते हैं, वहीं सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे हैं। हैरानी की बात ये है कि नाम कटने के मुकाबले नए नाम जोड़ने के लिए लोगों ने बेहद कम आवेदन किए।


सीएम और मंत्रियों के क्षेत्रों से 8.20 लाख नाम गायब

एसआईआर के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत उनके मंत्रियों के चुनाव क्षेत्रों से कुल 8 लाख 20 हजार 255 मतदाताओं के नाम काटे गए। इसके जवाब में नए नाम जोड़ने के लिए सिर्फ 1 लाख 69 हजार 753 आवेदन ही जमा हुए। यानी जितने नाम हटे, उसके अनुपात में नए वोटर बनने की रफ्तार काफी धीमी नजर आई।


पूरे प्रदेश की तस्वीर क्या कहती है

अगर पूरे मध्यप्रदेश की बात करें तो एसआईआर में 42 लाख 74 हजार से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। वहीं नए नाम जोड़ने के लिए केवल 9 लाख 89 हजार 991 लोगों ने आवेदन किया। चुनाव आयोग की ओर से तय फॉर्म-6 के जरिए ये आवेदन जमा किए गए, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि जागरूकता या रुचि दोनों ही स्तर पर कमी रही।


गोविंदपुरा और नरेला में सबसे ज्यादा नए आवेदन

नए नाम जोड़ने के मामले में कुछ विधानसभा सीटें आगे रहीं।

गोविंदपुरा विधानसभा से सबसे ज्यादा 17,888 आवेदन आए।

नरेला विधानसभा में 15,115 नए नाम जोड़ने के आवेदन जमा हुए।

भोपाल की हुजूर सीट से 13,024 आवेदन मिले।

इंदौर जिले की इंदौर-2 से 10,446 और इंदौर-5 से 11,040 आवेदन आए।

राऊ सीट से 12,700 और नागदा-खाचरौद से 11,047 आवेदन दर्ज हुए।


इन सीटों पर 10 हजार से भी कम दिलचस्पी

जहां कुछ क्षेत्रों में अच्छी संख्या में आवेदन आए, वहीं कई विधानसभा सीटों पर नए नाम जोड़ने को लेकर लोगों की दिलचस्पी बेहद कम रही।

राजनगर विधानसभा से सिर्फ 1,138 आवेदन आए, जो सबसे कम हैं।

बीना सीट पर 1,288 आवेदन दर्ज हुए।

इसके अलावा टिमरनी, भगवानपुरा, रतलाम ग्रामीण, जावद, मलहरा जैसी सीटों पर भी दो हजार से कम आवेदन ही आए, जो चिंता बढ़ाने वाले आंकड़े माने जा रहे हैं।


जहां सबसे ज्यादा नाम कटे

एसआईआर में नाम कटने के मामले में भी कुछ विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे रहे।

गोविंदपुरा से 97,052 वोटर्स के नाम हटाए गए।

इंदौर-5 से 87,591 नाम कटे।

नरेला से 81,235 और

इंदौर-1 से 75,014 वोटर्स के नाम लिस्ट से बाहर किए गए।

वहीं सबसे कम 6,034 नाम नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर सीट से कटे।


मुख्यमंत्री से लेकर विपक्ष तक पर असर

एसआईआर ड्राफ्ट के अनुसार मुख्यमंत्री के उज्जैन दक्षिण क्षेत्र से 37,728 नाम हटे। विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्र से 13,920, नेता प्रतिपक्ष के क्षेत्र से 14,712 और अटेर विधानसभा से 17,505 नाम वोटर लिस्ट से कटे।

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