
भोपाल। मध्यप्रदेश में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की ड्राफ्ट मतदाता सूची सामने आते ही सियासत गरमा गई है। भोपाल की गोविन्दपुरा विधानसभा सीट से एक झटके में 97 हजार से ज्यादा मतदाताओं के नाम हट गए हैं। यह सीट मोहन सरकार की मंत्री कृष्णा गौर का क्षेत्र है और प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में यहां से सबसे ज्यादा वोटर कटे हैं।
टॉप लिस्ट में इंदौर-5, मंत्रियों की सीटों पर 8 लाख से ज्यादा नाम हटे
एसआईआर के आंकड़ों के मुताबिक दूसरे नंबर पर इंदौर-5 विधानसभा सीट है, जहां से 87,591 वोटरों के नाम हटाए गए हैं। यह क्षेत्र विधायक महेंद्र हार्डिया का है।
खास बात यह है कि मोहन सरकार के मंत्रियों की अलग-अलग विधानसभा सीटों से कुल मिलाकर 8 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
सबसे कम कटौती सोहागपुर में, सिर्फ 6 हजार नाम हटे
जहां कुछ सीटों पर हजारों वोटर बाहर हो गए, वहीं नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर विधानसभा सीट पर सबसे कम असर दिखा है। यहां सिर्फ 6,034 मतदाताओं के नाम एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए हैं।
5 मंत्रियों की सीटों से 50 हजार से ज्यादा वोटर गायब
प्रदेश की सभी 230 सीटों के अध्ययन में सामने आया है कि मोहन सरकार के पांच मंत्रियों के क्षेत्रों से 50 हजार से ज्यादा नाम कटे हैं।
इन सीटों में शामिल हैं –
भोपाल: गोविन्दपुरा और नरेला
इंदौर: इंदौर-1 और इंदौर-5
ग्वालियर: ग्वालियर और ग्वालियर दक्षिण
इनमें इंदौर-5 दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा प्रभावित सीट बनी हुई है।
सीएम से लेकर कमलनाथ तक की सीटें भी अछूती नहीं
एसआईआर की मार सिर्फ मंत्रियों तक सीमित नहीं रही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उज्जैन दक्षिण सीट से 37,728 वोटर हटाए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की दिमनी सीट से 13,920 नाम कटे हैं। कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की गंधवानी सीट से 14,712 वोटर बाहर हुए हैं। अटेर सीट से विधायक हेमंत कटारे के क्षेत्र में 17,505 नाम कटे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की छिंदवाड़ा सीट से भी 21,981 मतदाताओं के नाम एसआईआर में हटाए गए हैं, जबकि पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया की जबलपुर पूर्व सीट से 49,215 वोटर ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
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