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MP Sleeper Bus New Rules: स्लीपर बसों में सफर अब ज्यादा सुरक्षित, पार्टिशन डोर हटाने से लेकर फायर सिस्टम तक अनिवार्य

07 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Sleeper Bus New Rules: स्लीपर बसों में सफर अब ज्यादा सुरक्षित, पार्टिशन डोर हटाने से लेकर फायर सिस्टम तक अनिवार्य

MP Sleeper Bus New Rules: स्लीपर बसों में सफर अब ज्यादा सुरक्षित, पार्टिशन डोर हटाने से लेकर फायर सिस्टम तक अनिवार्य

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। अगर आप मध्य प्रदेश में स्लीपर बस से सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्लीपर बसों को लेकर कई बड़े और सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। अब बस में ड्राइवर के केबिन में लगी पार्टिशन डोर हटानी होगी और सभी स्लीपर बसों में एक महीने के भीतर फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।


सभी स्लीपर बसों की होगी सघन जांच

परिवहन आयुक्त कार्यालय ने प्रदेश में चल रही सभी स्लीपर बसों की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं। उप परिवहन आयुक्त (शिकायत) किरण कुमार शर्मा ने सभी आरटीओ को कहा है कि वे एक विशेष अभियान चलाकर स्लीपर बसों की गहन जांच करें। हर आरटीओ को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर अपनी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें, ताकि यह देखा जा सके कि नए नियमों का पालन कितना हो रहा है।


स्लीपर बर्थ के स्लाइडर तुरंत हटेंगे

नए निर्देशों के तहत अब स्लीपर बसों में लगे बर्थ के स्लाइडर तत्काल हटाए जाएंगे। कई बसों में यात्रियों की निजता के नाम पर लगाए गए स्लाइडर आपात स्थिति में बाहर निकलने में बाधा बनते हैं। परिवहन विभाग का मानना है कि इससे आग या दुर्घटना के समय जान बचाने में देरी हो सकती है। इसीलिए अब हर बस में खुले और सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्री बिना रुकावट बाहर निकल सकें।


फायर सेफ्टी को लेकर बड़ा फैसला

स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने अब हर बस में— एक माह के भीतर फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है, कम से कम 10 किलो क्षमता का फायर एक्सटिंगिवीशर रखना भी जरूरी होगा।यह नियम सभी निजी और शासकीय स्लीपर बसों पर समान रूप से लागू होंगे। इससे आग लगने की स्थिति में समय रहते चेतावनी और आग पर काबू पाया जा सकेगा।


गलत बॉडी डिजाइन वाली बसें होंगी बाहर

परिवहन विभाग ने चेसिस में एक्सटेंशन कर बनाई गई बस बॉडी को भी सख्ती से निशाने पर लिया है। ऐसे मामलों में संबंधित बस को तत्काल संचालन से बाहर किया जाएगा।

साथ ही अब बस के पंजीयन के समय पूरा लेआउट ड्राइंग देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे यह तय किया जा सकेगा कि बस का डिजाइन नियमों के अनुसार है या नहीं।


यात्रियों की सुरक्षा होगी पहले

परिवहन विभाग का कहना है कि इन सभी नियमों का मकसद स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करना है। अब ड्राइवर के केबिन की पार्टिशन डोर हटने से सामने की ओर निकासी आसान होगी और फायर सिस्टम लगने से आग जैसी घटनाओं में बड़ा हादसा टल सकेगा।

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