शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
Logo
Madhaya Pradesh

मध्य प्रदेश में दिवाली पर भी होगी सोयाबीन और मक्का की खरीदी, मोहन सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत

30 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में दिवाली पर भी होगी सोयाबीन और मक्का की खरीदी, मोहन सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में सोयाबीन और मक्का की खेती करने वाले किसानों को त्योहार के दौरान फसल बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने सरकारी अवकाश के दिनों में भी दोनों फसलों की खरीदी जारी रखने का निर्णय लिया है।


सरकार के इस कदम का उद्देश्य मंडियों में खरीदी का काम बाधित होने से रोकना और किसानों को अपनी सुविधा के मुताबिक उपज बेचने का अवसर देना है। खासतौर पर दिवाली 2026 के त्योहारी दौर में इस फैसले से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।


त्योहार के दौरान भी जारी रहेगा मंडियों में खरीदी का काम

त्योहारी कैलेंडर में कई दिन सरकारी अवकाश के लिए निर्धारित होते हैं। इन दिनों खरीदी केंद्रों पर काम बंद रहने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है।


सरकार ने इस परेशानी को दूर करने के लिए सोयाबीन और मक्का की खरीदी छुट्टियों में भी संचालित रखने का फैसला किया है। इससे किसान अपनी उपलब्धता और सुविधा के अनुसार मंडियों में फसल लेकर पहुंच सकेंगे।


सोयाबीन और मक्का उत्पादकों को कैसे मिलेगा फायदा?

इस निर्णय से प्रदेश के उन किसानों को विशेष राहत मिलने की संभावना है, जो सोयाबीन और मक्का की उपज बेचने के लिए सरकारी खरीदी व्यवस्था पर निर्भर हैं।


छुट्टियों के कारण खरीदी प्रक्रिया रुकने की आशंका कम होगी। किसानों को मंडियों में दोबारा काम शुरू होने का इंतजार किए बिना अपनी फसल बेचने का मौका मिल सकेगा।


किसानों के हितों को लेकर CM मोहन यादव ने कही ये बात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि किसानों की सहूलियत और उनके हितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।


उनके मुताबिक, छुट्टी के दिनों में भी सोयाबीन और मक्का की खरीदी जारी रखने का निर्णय इसी सोच के तहत लिया गया है। सरकार चाहती है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें