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स्पेशल एजुकेटर भर्ती में बड़ी चूक? पात्र अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लगाई न्याय की गुहार

03 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
स्पेशल एजुकेटर भर्ती में बड़ी चूक? पात्र अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लगाई न्याय की गुहार
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक वर्ग–3 मुख्य चयन परीक्षा 2025 में स्पेशल एजुकेटर पदों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विशेष शिक्षा के अभ्यर्थियों ने डॉ. मोहन यादव से न्याय की गुहार लगाते हुए उन्हे पत्र लिखा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया में गंभीर त्रुटि के कारण वास्तविक पात्र उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।


क्या है पूरा मामला?

मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक वर्ग–3 मुख्य चयन परीक्षा 2025 (09 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2025) के तहत 3200 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आरोप है कि स्पेशल एजुकेटर पद हेतु आवेदन करते समय अभ्यर्थियों से आवेदन की अंतिम तिथि तक जारी वैध CRR (Central Rehabilitation Register) नंबर अनिवार्य रूप से अपलोड नहीं कराया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस चूक के कारण सामान्य डीएलएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने भी स्पेशल एजुकेशन श्रेणी में आवेदन कर परीक्षा दी, जबकि नियमानुसार यह पात्रता केवल विशेष शिक्षा योग्यता रखने वालों के लिए निर्धारित है।


सुप्रीम कोर्ट और RCI के नियम

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों एवं Rehabilitation Council of India (RCI), नई दिल्ली के नियमों के अनुसार स्पेशल एजुकेटर पद के लिए विशेष शिक्षा में 2 वर्षीय डिप्लोमा (प्रारंभिक शिक्षा) और RCI में वैध CRR पंजीयन अनिवार्य है। इन शर्तों के बिना किसी भी अभ्यर्थी को स्पेशल एजुकेटर पद हेतु पात्र नहीं माना जा सकता।


परिणाम में बड़ा अंतर

घोषित परिणाम के अनुसार स्पेशल एजुकेशन श्रेणी में कुल 14,964 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि इनमें से लगभग 85% उम्मीदवार सामान्य डीएलएड योग्यता वाले हो सकते हैं। इससे वास्तविक विशेष शिक्षा डिग्रीधारियों के अवसरों पर संकट उत्पन्न हो गया है।


अभ्यर्थियों की दो प्रमुख मांगें

विशेष शिक्षा परीक्षार्थियों ने मुख्यमंत्री से निम्न मांगें की हैं—

1. दस्तावेज सत्यापन से पूर्व स्पेशल एजुकेशन श्रेणी के सभी अभ्यर्थियों से आवेदन की अंतिम तिथि तक जारी RCI द्वारा प्रदत्त वैध CRR नंबर अनिवार्य रूप से अपलोड कराया जाए।


2. केवल वैध CRR नंबर धारकों की पृथक मेरिट सूची तैयार की जाए और उसी आधार पर 3200 पदों के लिए दस्तावेज सत्यापन हेतु आमंत्रित किया जाए।


न्यायोचित कार्रवाई की अपेक्षा

अभ्यर्थियों ने कहा है कि यह मांग किसी विशेष वर्ग के विरोध में नहीं, बल्कि पात्र विशेष शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा हेतु है। उन्होंने मुख्यमंत्री से शीघ्र एवं न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की है, ताकि नियमों के अनुरूप योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।

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