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मध्य प्रदेश में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी, CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

29 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी, CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग को नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं और रिक्त पदों का विस्तृत आंकड़ा जुटाने को कहा है।


प्रमोशन तथा मार्च 2027 तक होने वाली सेवानिवृत्तियों से खाली होने वाले पदों को भी प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा। विभाग की तैयारी के अनुसार करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती हो सकती है।


प्रमोशन और रिटायरमेंट के बाद तय होगी पदों की संख्या

गुरुवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से नई शिक्षक भर्ती की शुरुआत और संभावित पदों की संख्या को लेकर जानकारी मांगी। विभाग फिलहाल शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा है। इसके बाद रिक्त पदों की स्थिति और स्पष्ट होगी।


साथ ही मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों का भी आकलन किया जा रहा है। इन दोनों स्रोतों से खाली होने वाले पदों को जोड़कर भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।


भर्ती की तैयारी में जुटा लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय ने रिक्तियों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने संचालनालय के अधिकारियों को प्रदेश के सभी क्षेत्रों से शिक्षकों के खाली पदों का विवरण एकत्र करने के निर्देश दिए हैं।


700 जर्जर स्कूलों की जगह बनेंगे नए भवन

शिक्षक भर्ती के साथ स्कूल भवनों को लेकर भी सरकार ने लक्ष्य तय किया है। स्कूल शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में करीब 90 हजार स्कूल हैं, जिनमें लगभग 700 स्कूल पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच चुके हैं।


मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों की जगह दो साल के भीतर नए भवन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पहले निर्माण लागत का आकलन किया जाएगा और उसके बाद निर्माण एजेंसी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


नए भवनों का निर्माण कलेक्टर के माध्यम से कराया जाए, शाला विकास निधि का इस्तेमाल हो या किसी दूसरी एजेंसी को जिम्मेदारी मिले—इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।


3 हजार स्कूलों में नए कक्ष बनाने की योजना

विभाग करीब 3 हजार मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी कर रहा है। इन विद्यालयों में मौजूदा कक्षों की हालत सुधारने के साथ अतिरिक्त निर्माण की आवश्यकता भी चिन्हित की गई है।


काम को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए स्कूलों को छोटे समूहों में बांटने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके तहत 10 से 15 स्कूलों का एक क्लस्टर बनाकर निर्माण और मरम्मत की जिम्मेदारी दी जा सकती है।


इस व्यवस्था पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। जर्जर स्कूलों के नए भवन और मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्षों से जुड़ा काम दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


पंचायत से लेकर PHE तक तय होगी जिम्मेदारी

स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अलग-अलग विभाग और स्थानीय निकाय भी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

ग्रामीण इलाकों में बाउंड्रीवॉल निर्माण का काम पंचायतों को दिया जा सकता है।

ग्रामीण स्कूलों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी PHE विभाग को सौंपने पर विचार है।

शहरी क्षेत्रों में बाउंड्रीवॉल का काम नगरीय निकायों के जरिए कराया जा सकता है।


इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां तय करने को लेकर विभाग स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

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