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एमपी ट्रैवल मार्ट 2026: एडवेंचर टूरिज्म और इवेंट इकोनॉमी से पर्यटन को नई ऊंचाई देने पर मंथन

09 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी ट्रैवल मार्ट 2026: एडवेंचर टूरिज्म और इवेंट इकोनॉमी से पर्यटन को नई ऊंचाई देने पर मंथन
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। राजधानी में आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2026 में प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से एडवेंचर टूरिज्म और (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज और एग्जीबिशन्स) माइस व क्रिएटिव इकोनॉमी विषयों पर दो महत्वपूर्ण राउंडटेबल सत्र आयोजित किए गए। इनमें देश के प्रमुख पर्यटन विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को प्रमुख पर्यटन एवं आयोजन केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीतियों पर चर्चा की।


‘माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी: आर्थिक विकास के वाहक, मध्यप्रदेश की इवेंट इकोनॉमी का निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं इंडिया कन्वेंशन प्रमोशन ब्यूरो के चेयरमैन हरिकिशोर एस. ने कहा कि देश में मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज और एग्जीबिशन्स और लाइव इवेंट्स का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का माइस बाजार लगभग 37,576 करोड़ रुपये का हो चुका है, जबकि लाइव इवेंट्स सेक्टर के वर्ष 2028 तक 19,600 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ती मांग के बीच इंदौर और भोपाल में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के प्रमुख केंद्र बनने की व्यापक संभावनाएं हैं।


हरिकिशोर एस. ने प्रदेश में सिटी माइस प्रमोशन ब्यूरो के गठन, राज्य स्तरीय माइस रणनीति तैयार करने और बड़े कन्वेंशन वेन्यू विकसित करने का सुझाव दिया। सत्र का संचालन टॉर्नोस के संस्थापक एवं सीईओ प्रतीक हीरा ने किया। राउंडटेबल में अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर और संयुक्त संचालक (एडवेंचर) संतोष कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।


डेस्टिनेशन वेडिंग्स से बढ़ेगी पर्यटन गतिविधियां

सत्र में फिक्की माइस टूरिज्म कमेटी के अध्यक्ष एवं विजक्राफ्ट ग्रुप के सह-संस्थापक सब्बास जोसेफ ने ‘मध्यप्रदेश: द एक्सपीरियंस इकोनॉमी अपॉर्चुनिटी’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर, मांडू और ग्वालियर जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग्स और उत्सव आयोजनों के लिए उपयुक्त बताया। उन्होंने वेडिंग प्लानर्स के लिए परिचयात्मक भ्रमण आयोजित करने, प्रमाणित विवाह स्थलों एवं सेवा प्रदाताओं का पोर्टफोलियो तैयार करने और प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन, कला-संस्कृति, हथकरघा तथा शिल्पकला को शामिल करते हुए संपूर्ण समारोह पैकेज विकसित करने पर जोर दिया। इससे पर्यटन के साथ स्थानीय व्यवसायों और पारंपरिक कलाओं को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।


वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ बनाने पर जोर

‘एडवेंचर टूरिज्म 2030’ विषय पर आयोजित राउंडटेबल में मध्यप्रदेश को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। सचिव पर्यटन एवं मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ के रूप में ध्यान में रखते हुए साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने की बात कही।


समग्र एडवेंचर हब विकसित करने की आवश्यकता

सत्र के मुख्य वक्ता पद्मश्री अजीत बजाज, पूर्व चेयरमैन, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI), ने एडवेंचर पार्कों और संबंधित अधोसंरचना के विकास के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने अलग-अलग गतिविधियों के लिए बिखरी सुविधाओं के बजाय समग्र एडवेंचर हब विकसित करने की आवश्यकता बताई।


सुरक्षा मानकों और प्रशिक्षित गाइडों पर रहेगा फोकस

अजीत बजाज ने कहा कि साहसिक पर्यटन के विकास में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए प्रमाणित गाइडों की उपलब्धता, गतिविधि-वार मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs), आपातकालीन बचाव तंत्र और चिकित्सा बीमा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।



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