
भोपाल। मध्यप्रदेश में पर्यटन को रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास से जोड़ने की दिशा में MP Travel Mart 2026 में कई अहम पहल सामने आईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या और पर्यटन की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
मार्ट के 7वें संस्करण में 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स, 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स और 600 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। पर्यटन परियोजनाओं के लिए 6 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ।
21 करोड़ से ज्यादा पर्यटक आए, 57% की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2025 में मध्यप्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे। उनके अनुसार यह संख्या 2024 के मुकाबले 57 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास को लेकर तेजी से काम चल रहा है और मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बना रहा है।
'देखो अपना देश, सबसे पहले मध्यप्रदेश'
डॉ. यादव ने पर्यटकों से अपील की कि जब भी वे घूमने के लिए निकलें, तो सबसे पहले मध्यप्रदेश को चुनें। उनका कहना था कि प्रदेश में आने वाला व्यक्ति यहां की संस्कृति और अनुभव से जुड़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बताते हुए कहा कि राज्य के 12 नेशनल पार्क और 9 टाइगर रिजर्व जैव विविधता का बड़ा खजाना हैं।
पर्यटन अब अनुभव और हार्ट हीलिंग से जुड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन अब केवल घूमने या प्राकृतिक स्थलों को देखने तक सीमित नहीं रहा। यह कला-संस्कृति, रोजगार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि आज पर्यटक ऐसे स्थानों को पसंद कर रहे हैं, जहां सुंदर और शांत वातावरण मिले। ट्रैकिंग और एडवेंचर के साथ वेलनेस तथा स्पिरिचुअल टूरिज्म की मांग भी बढ़ रही है।
चीता परियोजना के बाद बढ़ा वन पर्यटन
डॉ. यादव ने बताया कि 17 सितंबर 2022 से मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना के बाद वन पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 चीते लाए गए थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 60 हो गई है। वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों के लिए मध्यप्रदेश का तीसरा आश्रय स्थल बन गया है।
पर्यटन में टेक्नोलॉजी का बढ़ता इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी अब पर्यटन व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी है। MP Travel Mart 2026 में इसी दिशा में AI आधारित डिजिटल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए Explurger के साथ समझौता किया गया।
इस पहल के तहत चयनित पर्यटन स्थलों पर AI एजेंट के जरिए बहुभाषी डिजिटल सहायता, पर्यटक मार्गदर्शन और स्टोरीटेलिंग उपलब्ध कराने की योजना है। 100 पर्यटन गंतव्यों पर चरणबद्ध तरीके से 1,000 QR बोर्ड लगाए जाएंगे।
वन्यजीव पर्यटन में ₹520 करोड़ का संभावित निवेश
राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व में वन्यजीव पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए समझौता हुआ है।
इस परियोजना में ₹520 करोड़ के संभावित निवेश के साथ 375 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है।
ग्रामीण पर्यटन से फिल्म और एडवेंचर तक 6 MoU
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पर्यटन बोर्ड और विभिन्न संस्थाओं के बीच इन क्षेत्रों में समझौते हुए—
Explurger: AI आधारित डिजिटल पर्यटन और पर्यटक अनुभव।
राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड: बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में वन्यजीव पर्यटन।
ग्राम स्टे–कनेक्टिंग विलेजेज ऑफ इंडिया: ग्रामीण पर्यटन, डिजिटल विजिबिलिटी और होमस्टे बुकिंग।
TVF तथा KRARK फैमिली ऑफिस एवं प्रमोटर ग्रुप: फिल्म निर्माण, कौशल विकास, कंटेंट निर्माण और फिल्म पर्यटन।
ATOAI: साहसिक पर्यटन और सुरक्षा मानक।
NATRAX: मोटरस्पोर्ट्स और साहसिक पर्यटन।
ओरछा और पन्ना में पर्यटन परियोजनाओं को LOA
MP Travel Mart 2026 में पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड भी प्रदान किए गए। ग्राम ओरछा, जिला निवाड़ी में ₹50 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से रिसॉर्ट परियोजना के लिए LOA दिया गया। लक्ष्मीपुर पैलेस, जिला पन्ना में ₹10 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से हेरिटेज होटल परियोजना के लिए भी LOA प्रदान किया गया।
6 भाषाओं में उपलब्ध होगी पर्यटन वेबसाइट
वैश्विक पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mptourism.com के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया। अंग्रेजी और हिंदी के साथ इसमें जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है।
AI, VR और 360 डिग्री से लैस MP Travel Handbook
'टेलमी डिजीइन्फोटेक' के सहयोग से विकसित MP Travel Handbook भी लॉन्च की गई। यह डायनेमिक डिजिटल कॉफी टेबल बुक है, जिसमें 360-डिग्री व्यू, AI स्टोरीटेलिंग, VR लिंक और ऑडियो नरेशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
पर्यटन को अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'देखो अपना देश', 'वोकल फॉर लोकल' और 'ट्रिपल टी'—टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म मंत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट प्रदेश को विकास के नए शिखर तक ले जाने की यात्रा में साझेदारी का सशक्त मंच है। फिक्की मध्यप्रदेश और आईटो के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह ने भी कहा कि प्रदेश के पर्यटन का भविष्य 'एक्सपीरियंस टूरिज्म' में है, जहां पर्यटक संस्कृति, कला, शिल्प, खान-पान और ग्रामीण जीवन को करीब से महसूस कर सकें।
उन्होंने 'देखो अपना देश, सबसे पहले मध्यप्रदेश' को इसी अनुभव को आगे बढ़ाने वाली सोच बताया।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

