
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को सदन की मंजूरी मिल गई। कांग्रेस के लगातार विरोध और दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधेयक पारित होने की घोषणा की। मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे। विपक्ष की आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया गया और अंततः सदन ने यूसीसी विधेयक को पारित कर दिया।
प्रवर समिति को भेजने की मांग नहीं मानी गई
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से आग्रह किया कि यूसीसी विधेयक को प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजा जाए। सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और विधेयक पर आगे की प्रक्रिया जारी रखी।
आरिफ मसूद का संशोधन प्रस्ताव खारिज
विधेयक पर विचार शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संशोधन प्रस्ताव रखा था। सदन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद कांग्रेस ने अपना विरोध और तेज कर दिया।
दो बार रुकी विधानसभा की कार्यवाही
विरोध के दौरान कांग्रेस विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और यूसीसी के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही पहले 10 मिनट और फिर 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। भाजपा के विधायक और मंत्री लगातार विधेयक पर चर्चा पूरी कराए जाने की मांग पर कायम रहे।
अध्यक्ष ने की विधेयक पारित होने की घोषणा
हंगामे के बीच भी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी और समान नागरिक संहिता विधेयक को पारित घोषित कर दिया।
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