
भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर जारी परामर्श प्रक्रिया में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय दर्ज कराई है। राज्य स्तरीय समिति को मंगलवार तक करीब 9.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। मिले सुझावों का विश्लेषण बताता है कि अधिकांश लोगों ने यूसीसी के पक्ष में अपनी सहमति जताई है। खास तौर पर मुस्लिम समुदाय की महिलाओं का समर्थन चर्चा का विषय बना हुआ है।
93 प्रतिशत लोगों ने किया समर्थन
समिति को व्यक्तिगत श्रेणी में मिले 9.5 लाख से अधिक सुझावों में से लगभग 8.9 लाख लोगों ने समान नागरिक संहिता के समर्थन में राय दी है। यह आंकड़ा कुल सुझावों का करीब 93 प्रतिशत है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली करीब 2 हजार संस्थाओं ने भी अपने तकनीकी और संगठनात्मक सुझाव समिति को सौंपे हैं, जिनकी समीक्षा की जा रही है।
महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी
परामर्श प्रक्रिया में दोनों वर्गों की सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई। कुल सुझावों में लगभग 4 लाख महिलाओं (42%) और 5.5 लाख पुरुषों (58%) ने अपनी राय दी। इसके अलावा 100 से अधिक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने भी सुझाव भेजे।
हिंदू समुदाय से सबसे ज्यादा समर्थन
धार्मिक आधार पर प्राप्त सुझावों में हिंदू समाज का समर्थन सबसे अधिक दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार 5.2 लाख हिंदू पुरुषों में से 4.9 लाख (95%) ने यूसीसी के पक्ष में राय दी। वहीं 3.7 लाख हिंदू महिलाओं में से 3.6 लाख (97%) ने समर्थन किया। सभी धर्मों की कुल 4 लाख महिलाओं में से लगभग 3.8 लाख यानी 95 प्रतिशत महिलाओं ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया।
मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं की राय में अंतर
रिपोर्ट का सबसे प्रमुख पहलू मुस्लिम समुदाय के भीतर सामने आया मतभेद रहा। मुस्लिम समुदाय से कुल 44 हजार सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें 29 हजार पुरुष और 15 हजार महिलाएं शामिल थीं। इनमें 29 हजार मुस्लिम पुरुषों में से करीब 11 हजार (38%) ने यूसीसी के समर्थन में राय दी। दूसरी तरफ 15 हजार मुस्लिम महिलाओं में से लगभग 10.5 हजार यानी 71 प्रतिशत ने इसके पक्ष में सुझाव दिए।
महिलाओं के समर्थन को लेकर क्या माना जा रहा है
आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मुस्लिम समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाएं कानूनी सुधार, सामाजिक सुरक्षा और लैंगिक समानता से जुड़े प्रावधानों को महत्व दे रही हैं। जानकारों का मानना है कि पैतृक संपत्ति में बराबरी के अधिकार, बहुविवाह पर रोक, तीन तलाक की समाप्ति और गुजारा भत्ता जैसे मुद्दों पर कानूनी सुरक्षा की अपेक्षा के कारण महिलाओं का समर्थन अधिक देखने को मिला है।
समिति कर रही है सुझावों की समीक्षा
राज्य स्तरीय समिति को प्राप्त व्यक्तिगत और संस्थागत सुझावों का परीक्षण जारी है। मिले आंकड़े बताते हैं कि समान नागरिक संहिता को लेकर प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों ने अपनी राय रखी है और बड़ी संख्या में सुझाव इसके समर्थन में सामने आए हैं।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

