
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में अब शहरीकरण की रफ्तार तेज होने वाली है। जिले में नगर निकायों (Urban Bodies Expansion) की संख्या बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर बड़े ग्राम पंचायत क्षेत्रों को नगर पंचायत बनाने के लिए जनपद कार्यालयों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी सुविधाएं और विकास योजनाएं लागू हो सकेंगी।
सीएम तक पहुंची मांग, DUDA ने शुरू की प्रक्रिया
यह सभी मांग पत्र सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे गए थे। इसके बाद जिला शहरी विकास अभिकरण (DUDA) ने अलग-अलग राजस्व अधिकारियों और जनपदों को पत्र जारी कर 9 बिंदुओं पर आधारित जानकारी के साथ प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावों पर स्पष्ट अभिमत मिलने के बाद शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई होगी।
बदनावर को नगर पालिका बनाने की मांग
बदनावर विधानसभा क्षेत्र में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क बनने के बाद विकास की रफ्तार तेज हुई है। अब यहां की नगर पंचायत को नगर पालिका में बदलने की मांग उठी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने यह मांग सीएम को सौंपी थी। अब सीएमओ बदनावर को मप्र नगर पालिका अधिनियम की धारा 5 और 2011 की अधिसूचना के अनुसार जरूरी दस्तावेज और आंकड़े जुटाकर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। अगर सब कुछ तय मानकों पर खरा उतरा तो बदनावर को नगर पालिका का दर्जा मिल सकता है।
सरदारपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रस्ताव
सरदारपुर विधानसभा में कई बड़े ग्राम पंचायत क्षेत्रों को नगर पंचायत बनाने की मांग की गई है। पूर्व विधायक मुकामसिंह निगवाल ने ग्राम पंचायत दसई और ग्राम पंचायत राजीद को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा अमझेरा को भी नगर पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव शामिल है। इन सभी के लिए राजस्व मानचित्र, दूरी, सीमाएं और प्रस्तावित नगर परिषद का नक्शा तैयार किया जा रहा है।
केसूर, सिंधाना और गंधवानी भी दौड़ में
केसूर (बदनावर विधानसभा) को नगर परिषद बनाने की मांग केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने की है। इसके साथ सिंधाना और गंधवानी को भी नगर पंचायत बनाने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या बदलेगा नगर पंचायत बनने के बाद?
नगर पंचायत या नगर पालिका बनने से विकास के लिए ज्यादा बजट, बेहतर सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, सफाई और पेयजल, शहरी सुविधाएं और योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।
विश्वनाथ सिंह, प्रभारी डूडा अधिकारी, धार ने कहा— “मुख्यमंत्री को सौंपे गए मांग पत्रों के आधार पर जनपदों से प्रस्ताव और अभिमत मांगे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद शासन स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”
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