
भोपाल। मध्य प्रदेश में 1 जुलाई से वीबी-जी राम जी स्कीम लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजना में रोजगार की गारंटी के साथ समयबद्ध मजदूरी भुगतान, भुगतान में देरी पर मुआवजा, बेरोजगारी भत्ता और तकनीक आधारित निगरानी जैसी कई व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। सरकार इसे ग्रामीण विकास और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से भी जोड़ रही है।
15 दिन में रोजगार नहीं मिला तो मिलेगा भत्ता
योजना के अनुसार रोजगार के लिए आवेदन करने के 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि तय समय में रोजगार नहीं दिया जाता है तो पात्र आवेदक को दैनिक बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
- पहले 30 दिन तक मजदूरी दर का 25% भत्ता।
- इसके बाद मजदूरी दर का 50% भत्ता दिया जाएगा।
मजदूरी भुगतान में देरी पर मिलेगा मुआवजा
योजना में मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य रहेगा। यदि मस्टर रोल बंद होने के बाद भी 15 दिन तक मजदूरी नहीं मिलती है तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया राशि पर 0.05% प्रतिदिन की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
आवेदन कई माध्यमों से किया जा सकेगा
रोजगार के लिए आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। आवेदन इन माध्यमों से किया जा सकेगा—
मौखिक
लिखित
डिजिटल माध्यम
आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल के जरिए किया जा सकेगा। प्रत्येक आवेदन की रसीद देना भी अनिवार्य होगा।
कौन होगा पात्र
योजना का लाभ वही ग्रामीण परिवार ले सकेगा, जिसका पंजीकरण होगा और जिसके वयस्क सदस्य का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य रोजगार की मांग कर सकता है।
गांवों में किन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें शामिल हैं—
जल संरक्षण
ग्रामीण सड़क निर्माण
सिंचाई परियोजनाएं
आजीविका बढ़ाने वाले कार्य
मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना
जलवायु परिवर्तन से जुड़े विकास कार्य
राज्य सरकार बड़े जल संरक्षण प्रोजेक्ट और बांध जैसी परियोजनाओं में भी इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रही है।
AI और GPS से होगी निगरानी
योजना के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें GPS ट्रैकिंग, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बढ़े और फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।
वंचित परिवारों को प्राथमिकता
सरकार जरूरतमंद और वंचित ग्रामीण परिवारों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगी, जिससे उनकी आजीविका को मजबूत किया जा सके।
रोजगार के साथ ग्रामीण विकास पर भी जोर
योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है। इसे 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' से जोड़ते हुए पंचायत स्तर की विकास योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय योजनाओं के साथ समन्वित किया जाएगा, ताकि गांवों में दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित हो सके।
वित्तीय व्यवस्था और नियम
योजना का संचालन 60:40 के वित्तीय अनुपात में होगा। इसमें 60% राशि केंद्र सरकार और 40% राशि राज्य सरकार वहन करेगी। योजना के प्रस्तावित नियम कैबिनेट में पेश किए जाने थे, लेकिन मंगलवार और बुधवार को कैबिनेट की बैठक नहीं होने के कारण नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया।
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