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MP विधानसभा मानसून सत्र: 20 जुलाई से होगी शुरुआत, UCC और अनुपूरक बजट पर गरमाएगी सियासत, सरकार पेश करेगी अहम विधेयक

17 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
यह AI जनरेटेड फोटो है।

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Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक आयोजित होगा। पांच दिवसीय इस सत्र में सरकार कई अहम विधेयक और प्रथम अनुपूरक बजट पेश करेगी। वहीं, विपक्ष भी हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद सरकार को घेरने की तैयारी में है।


20 जुलाई से शुरू होगा पांच दिवसीय सत्र

विधानसभा सचिवालय ने मानसून सत्र बुलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पांच दिन के सत्र के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार की ओर से 19 जून तक औपचारिक अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना जताई गई है।


सरकार पेश करेगी कई अहम विधेयक

सत्र के दौरान सरकार मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 (संशोधन) अध्यादेश-2026 और मप्र उपकर (संशोधन) अध्यादेश-2026 को विधेयक के रूप में सदन में पेश कर पारित कराने की तैयारी कर रही है। इन विधेयकों पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।


अनुपूरक बजट रहेगा सबसे बड़ा एजेंडा

मानसून सत्र में सरकार प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि नए वाहन खरीदने या नई योजनाओं (नए मद) के प्रस्ताव इस बजट में शामिल नहीं किए जाएंगे। केवल उन्हीं प्रस्तावों को शामिल किया जाएगा, जिनके लिए राज्य की आकस्मिकता निधि से पहले ही अग्रिम स्वीकृति मिल चुकी है। विभागों से प्रस्ताव ऑनलाइन मांगे गए हैं।


UCC पर गरमा सकती है बहस

यदि सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा कोई प्रस्ताव सदन में लाती है, तो इस मुद्दे पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार सरकार इस विषय पर सहमति बनाने की दिशा में भी प्रयास कर सकती है। वहीं आदिवासी समुदायों को लेकर अलग दृष्टिकोण अपनाने की संभावना भी जताई जा रही है।


विपक्ष के तेवर रहेंगे आक्रामक

राज्यसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक माहौल में विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामे के आसार भी माने जा रहे हैं।


इन मुद्दों पर भी रहेगी नजर

- अधोसंरचना विकास के लिए अतिरिक्त प्रावधान

- ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट

- सामाजिक कल्याण योजनाओं पर नए वित्तीय प्रावधान

- स्वामित्व योजना को आगे बढ़ाने की संभावना

- करीब 48 लाख लोगों को आवास या भूखंड की निःशुल्क रजिस्ट्री देने की तैयारी

- UCC पर संभावित चर्चा और राजनीतिक बहस

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