
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में 27 अप्रैल अहम दिन होने वाला है। राज्य सरकार ने एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिलाओं से जुड़े बड़े मुद्दे पर चर्चा होगी—और इसके राजनीतिक मायने भी गहरे हैं।
27 अप्रैल को विशेष सत्र, राज्यपाल ने दी मंजूरी
Madhya Pradesh विधानसभा का विशेष सत्र 27 अप्रैल को आयोजित होगा। राज्यपाल ने अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए इस सत्र को बुलाया है। इस दिन राजधानी Bhopal में सभी विधायक मौजूद रहेंगे—और पूरा फोकस एक ही मुद्दे पर रहेगा।
नारीशक्ति वंदन विधेयक पर होगी विस्तृत चर्चा
इस विशेष सत्र का मुख्य एजेंडा नारीशक्ति वंदन विधेयक है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, महिलाओं से जुड़े अधिकार और प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सीएम मोहन यादव ने पहले ही दिए संकेत
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने पहले ही इस विशेष सत्र की घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस विषय पर गंभीर और व्यापक चर्चा जरूरी है। साथ ही उन्होंने हाल के राजनीतिक घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया था।
महिला आरक्षण पर सियासत तेज
महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है। यह विधेयक संविधान के 131वें संशोधन से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर भी सहमति नहीं बन सकी। अब प्रदेश स्तर पर इसे लेकर चर्चा—आने वाले राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
BJP की रैली और कांग्रेस पर निशाना
सत्र से पहले भाजपा ने Bhopal में जन आक्रोश रैली निकालकर माहौल बनाया। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का मजाक उड़ाया गया। उन्होंने Priyanka Gandhi Vadra के बयान पर भी टिप्पणी की—जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
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