
भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 का कार्यक्रम तय किया गया है। 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची जारी होगी, जबकि 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित निर्वाचन सदन में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने पात्र नागरिकों और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए लोगों को शामिल कराने में सहयोग की अपील की।
5.45 करोड़ से ज्यादा मतदाता, सूची में ये हैं आंकड़े
बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2026 तक मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में कुल 5,45,54,655 मतदाता दर्ज थे।
इनमें पुरुष, महिला और तृतीय लिंग के मतदाताओं का विवरण इस प्रकार है:
पुरुष: 2,81,71,989
महिला: 2,63,81,740
तृतीय लिंग: 926
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पुनरीक्षण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित न रह जाए।
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण का पूरा शेड्यूल
मध्य प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत 2 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज करने के लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान 21 और 22 नवंबर तथा 5 और 6 दिसंबर 2026 को विशेष अभियान चलाए जाएंगे। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
हर मतदान केंद्र पर बीएलए नियुक्त करने की अपील
संजीव कुमार झा ने राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बीएलए की भागीदारी से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
पुनरीक्षण में युवा मतदाताओं समेत उन सभी पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने पर जोर दिया गया है, जिनका नाम किसी कारण से सूची में दर्ज नहीं है।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
निर्वाचन सदन, भोपाल में हुई बैठक में उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, राजेश यादव और वीरेंद्र सिंह शामिल हुए।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
मतदाता अपने नाम और विवरण पर रखें नजर
प्रारूप सूची जारी होने के बाद नागरिक उसमें अपना नाम और अन्य विवरण जांच सकेंगे। निर्धारित अवधि के दौरान दावे और आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी, जिनका निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाना है।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा गया है, ताकि पुनरीक्षण के बाद पात्र मतदाताओं के नाम शामिल हों और सूची की त्रुटियों को सुधारा जा सके।
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