
भोपाल। मध्य प्रदेश में जिन लोगों का नाम SIR वोटर लिस्ट से हट गया है, उनके लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ऐसे मतदाता अगले साल होने वाले नगर निगम और पंचायत चुनावों में वोट डाल सकेंगे। राज्य चुनाव आयोग को केंद्रीय चुनाव आयोग से संशोधित वोटर लिस्ट नहीं मिलने के कारण अब पुराने मतदाताओं को दोबारा मौका मिलने की संभावना बढ़ गई है।
5 बार पत्र लिखने पर भी नहीं मिला जवाब
राज्य चुनाव आयोग ने केंद्रीय चुनाव आयोग को कई बार पत्र लिखकर SIR के बाद की अपडेटेड वोटर लिस्ट मांगी थी। जानकारी के मुताबिक, आयोग ने कुल 5 बार पत्र भेजे, लेकिन केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
18 जून को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
राज्य चुनाव आयोग अब 18 जून को पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी करेगा। ऐसे में जिन मतदाताओं का नाम केंद्रीय चुनाव आयोग की SIR सूची में नहीं है, वे भी जरूरी दस्तावेज जमा कर दोबारा सूची में शामिल हो सकते हैं।
34 लाख वोटर्स के नाम कटे थे
केंद्रीय चुनाव आयोग ने 21 फरवरी को SIR प्रक्रिया के बाद जो सूची जारी की थी, उसमें से करीब 34 लाख वोटर्स के नाम हट गए थे। इसी के बाद प्रदेशभर में बड़ी संख्या में लोगों ने नाम कटने को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं।
राज्य आयोग ने क्या कहा?
संयुक्त मुख्य राज्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग ने रिवीजन प्रक्रिया के लिए वोटर लिस्ट मांगी थी। लेकिन केंद्रीय निर्वाचन आयोग की तरफ से जवाब दिया गया कि वह रिवीजन प्रक्रिया के लिए अलग से सूची उपलब्ध नहीं कराता।
चुनावों पर पड़ सकता है असर
केंद्रीय और राज्य चुनाव आयोग के बीच समन्वय की कमी का असर अगले साल होने वाले पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों पर पड़ सकता है। हालांकि राज्य चुनाव आयोग अब ऐसे मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने की तैयारी कर रहा है, जिनके नाम SIR प्रक्रिया में हट गए थे।
क्या करना होगा वोटर्स को?
सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों का नाम कट गया है उन्हें जरूरी दस्तावेज दोबारा जमा करने होंगे। दस्तावेज सत्यापन के बाद उनका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में जोड़ा जा सकता है, जिससे वे आगामी चुनावों में मतदान कर सकेंगे।
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