
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार के लिए 23 जिलों में भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि अब तक राज्य में 163.1 मिमी (6.4 इंच) वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
प्रदेश में रविवार को भी 25 से अधिक जिलों में बारिश हुई। खराब मौसम के बीच पांढुर्णा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 48 वर्षीय सुलोचना तड़ाम की मौत हो गई। लगातार बारिश से कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भारी बारिश की चेतावनी इन जिलों के लिए भी दी गई है—
रतलाम
उज्जैन
धार
शाजापुर
सीहोर
विदिशा
गुना
नर्मदापुरम
नरसिंहपुर
जबलपुर
मंडला
बालाघाट
डिंडौरी
पन्ना
इन जिलों में भी बारिश की संभावना
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़ और भोपाल में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।
रविवार को कई जिलों में बरसे बादल
रविवार को प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई। सीहोर में दिन के समय घने बादलों से अंधेरा जैसा माहौल बन गया। शाजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि बारिश के बाद कालीसिंध नदी उफान पर पहुंच गई। मंदसौर में इस मानसून सीजन में अब तक 6.04 इंच वर्षा दर्ज की गई।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, छिंदवाड़ा में ढाई इंच से अधिक बारिश हुई। इसके अलावा सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में करीब पौन इंच बारिश, और टीकमगढ़ और ग्वालियर में करीब आधा इंच बारिश हुई। दतिया, गुना, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, भिंड, विदिशा, सीहोर, मंदसौर और पांढुर्णा में भी बारिश और आंधी का असर देखा गया।
तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश से अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई।
इंदौर: 30.9°C
भोपाल: 32.2°C
उज्जैन: 32.7°C
जबलपुर: 34°C
ग्वालियर: 37.7°C
सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 39°C और सबसे कम बैतूल में 27°C दर्ज किया गया।
अब तक सामान्य से 6% कम बारिश
राज्य में मानसून के दौरान अब तक 163.1 मिमी (6.4 इंच) वर्षा रिकॉर्ड हुई है। सामान्य औसत 172.8 मिमी (6.8 इंच) की तुलना में यह 6 प्रतिशत कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश: सामान्य से 29% कम बारिश।
पश्चिमी मध्य प्रदेश: औसत से 17% अधिक बारिश।
जुलाई से बेहतर बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, जून में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई, लेकिन जुलाई में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रदेश में सामान्यतः मानसून की करीब एक-तिहाई बारिश जुलाई में होती है।
उदाहरण के तौर पर भोपाल की सामान्य सालाना बारिश 39 इंच है, जिसमें करीब 14 इंच जुलाई में होती है। जबलपुर ऐसा प्रमुख शहर है जहां जुलाई में 17 इंच से अधिक बारिश का औसत रहता है। प्रदेश के मानसून कोटे की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है।
प्रदेश की सामान्य बारिश और जिलों की स्थिति
मध्य प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है।
सामान्य से कम बारिश वाले जिले
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, भिंड, दतिया, धार, झाबुआ, खंडवा, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शिवपुरी और विदिशा।
सामान्य से अधिक बारिश वाले जिले
आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, उज्जैन, पांढुर्णा और सिवनी।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
मौसम विभाग के मुताबिक, इस मानसून सीजन में देवास में 14.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक है। बैतूल, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, हरदा, इंदौर, खंडवा, सीहोर, बालाघाट और सिवनी में अब तक 8 इंच या उससे अधिक वर्षा हो चुकी है। दूसरी ओर आलीराजपुर में केवल 1 इंच बारिश दर्ज की गई है।
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