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MP Weather Alert: साइक्लोनिक सिस्टम से बदला मध्य प्रदेश का मिजाज, 25 जिलों में ओले-बारिश का कहर, किसानों की फसलें चौपट

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MP Weather Alert: साइक्लोनिक सिस्टम से बदला मध्य प्रदेश का मिजाज, 25 जिलों में ओले-बारिश का कहर, किसानों की फसलें चौपट

MP Weather Alert: साइक्लोनिक सिस्टम से बदला मध्य प्रदेश का मिजाज, 25 जिलों में ओले-बारिश का कहर, किसानों की फसलें चौपट

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने हालात बिगाड़ दिए हैं। खेतों से लेकर शहरों तक जनजीवन प्रभावित हुआ है और सबसे ज्यादा नुकसान उज्जैन संभाग में सामने आया है।


साइक्लोनिक सिस्टम का असर: आधे प्रदेश में बदला मौसम

पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के करीब 25 जिलों के लगभग 80 शहरों और कस्बों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरे। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था बाधित होने की खबरें भी सामने आईं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से हवा में नमी बढ़ी, जिससे बादल तेजी से बने और कई इलाकों में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई।


उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा नुकसान, खेतों में गिरी फसलें

सबसे गंभीर स्थिति उज्जैन संभाग के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिली। घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे क्षेत्रों में तेज हवा और ओलों ने खड़ी फसलों को जमीन पर गिरा दिया। गेहूं और चना जैसी फसलों के दानों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई से पहले आई इस बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। कई गांवों में खेतों में पानी भर गया है, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।


प्रशासन अलर्ट, शुरू हुआ सर्वे

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। राजस्व और कृषि विभाग की टीमें खेतों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि वास्तविक नुकसान का आंकड़ा तैयार किया जा सके और आगे राहत प्रक्रिया शुरू की जा सके।


अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राहत के संकेत हैं।


21 फरवरी

बारिश की संभावना नहीं

दिन में धूप निकल सकती है


22 फरवरी

मौसम साफ रहने की उम्मीद

किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट जारी नहीं


क्यों अचानक बदला मौसम?

विशेषज्ञ बताते हैं कि फरवरी के अंत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने पर मध्य भारत में अस्थिर मौसम देखने को मिलता है। जब यह सिस्टम साइक्लोनिक सर्कुलेशन के साथ जुड़ता है, तो तेज हवा, गरज-चमक और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। यही वजह है कि इस बार मौसम ने अचानक उग्र रूप ले लिया।

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