
भोपाल। मध्य प्रदेश में दशहरे के दिन मौसम उत्सव की तैयारियों पर असर डाल सकता है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को प्रदेश के 14 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम का यह बदलाव पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक जारी रहने का अनुमान है। गुना में बेमौसम बारिश से मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि पूर्वी हिस्से में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।
दशहरे पर इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर को इंदौर और उज्जैन संभाग समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश हो सकती है। प्रभावित जिलों की सूची में शामिल हैं:
- इंदौर
- उज्जैन
- रतलाम
- झाबुआ
- आलीराजपुर
- बड़वानी
- धार
- खरगोन
- बुरहानपुर
- खंडवा
- देवास
- शाजापुर
- हरदा
- बैतूल
इन इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है।
सोमवार को 15 जिलों में बरस सकते हैं बादल
सोमवार को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने जिन 15 जिलों के लिए पूर्वानुमान दिया है, वे हैं:
भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह।
20 से 22 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का असर बने रहने की संभावना है। इसके मुकाबले पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम खुला रहने और धूप निकलने का अनुमान है।
गुना में बारिश से किसानों और व्यापारियों को नुकसान
गुना में रविवार को हुई बेमौसम बारिश ने मक्का उत्पादकों की परेशानी बढ़ा दी। खेतों में कटाई के बाद रखी फसल पानी से भीग गई, जिससे उपज प्रभावित हुई।
मंडी में खुले स्थान पर रखा मक्का भी बारिश के पानी के साथ नालियों में बह गया। इससे किसानों के साथ व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर से एक ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव भी बना हुआ है।
इन मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आंधी और बारिश का दौर सक्रिय हुआ है। विभाग ने अगले चार दिनों तक इस क्षेत्र में बारिश की संभावना जताई है।
3 अक्टूबर को लौट चुका था मानसून, फिर कैसे हुई बारिश?
इस साल मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी 3 अक्टूबर को हो गई थी। इसके बावजूद सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बारिश दोबारा शुरू हो गई।
पिछले एक सप्ताह में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। पिछले चार दिनों के दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई, जबकि सोमवार के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के अक्टूबर महीने के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर दिखाई देता है। इस बार भी इसी तरह की मौसमी परिस्थितियां बन रही हैं।
अक्टूबर की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के साथ रात के तापमान में ठंडक महसूस की गई। इसके बाद कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा 4% ज्यादा
बारिश के क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग का कुल आंकड़ा औसत से 4% अधिक बताया गया है। अधिकांश जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हुआ है।
हालांकि, पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिलों में अब भी कमी दर्ज की गई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में 51% तक कमी
पश्चिमी क्षेत्र के आंकड़ों में बारिश की कमी अधिक दिखाई दे रही है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इससे स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। कुछ जिलों में निर्धारित मात्रा पूरी हो चुकी है, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश की कमी बनी हुई है।
इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें शामिल हैं:
भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।
30 जिलों में अब भी बारिश की कमी
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के बाकी 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। इस सूची में शामिल जिले हैं:
नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर।
प्रदेश में दशहरे के दौरान बारिश और तेज हवाओं की आशंका के बीच पश्चिमी जिलों में मौसम का असर अधिक रहने का अनुमान है। पूर्वी हिस्से में अपेक्षाकृत साफ मौसम रहने की संभावना जताई गई है।
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