
भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा रंग बदला है कि आम लोग ही नहीं, किसान भी सकते में हैं। कहीं तेज बारिश और ओलावृष्टि तो कहीं घना कोहरा — पूरे प्रदेश में हालात बिगड़े हुए हैं। अगले तीन दिनों तक मौसम की यही बेरुखी बनी रह सकती है, जिसके चलते 25 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
नीमच–मंदसौर में ओलावृष्टि से फसलें चौपट
पश्चिमी मध्य प्रदेश के नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी के साथ ओले गिरे और बारिश हुई। कई गांवों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। कटाई से ठीक पहले आए इस मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सब्जियों और चने की फसल को भी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सुबह के समय घना कोहरा छाने की भी संभावना है, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ सकता है।
दतिया–खजुराहो में विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर
उत्तर मध्य प्रदेश के दतिया और खजुराहो में हालात और भी खराब रहे। सुबह घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी घटकर सिर्फ 50 मीटर रह गई। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और कई जगह ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
भोपाल–इंदौर में भी कोहरे का असर
राजधानी भोपाल और औद्योगिक नगरी इंदौर में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया रहा। हाईवे से लेकर शहर की सड़कों तक ट्रैफिक धीमा हो गया। स्कूल बसों और ऑफिस जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ हद तक हवाई और रेल सेवाओं पर भी असर देखा गया।
बारिश से गेहूं गिरा, किसान चिंतित
बारिश और तेज हवा की वजह से कई जिलों में गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो उत्पादन और क्वालिटी दोनों पर असर पड़ेगा। मंडियों में दाम गिरने की आशंका भी जताई जा रही है।
अगले तीन दिन रहें सतर्क
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। किसानों से भी कहा गया है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं, क्योंकि अगले कुछ दिन मौसम राहत नहीं बल्कि चुनौती बनकर सामने आ सकता है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

