
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। राज्य में सक्रिय दो मानसूनी सिस्टम के कारण अगले 24 घंटे में 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जहां 4 इंच या उससे अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है।
राजधानी भोपाल में मंगलवार सुबह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी हल्की से तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इन 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान तेज वर्षा होने की संभावना है।
इन जिलों में भी बारिश के आसार
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।
प्रदेश में अब तक कितनी बारिश हुई?
मौसम विभाग के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी।
बारिश की कमी: 2.8 इंच
कुल कमी: 17%
पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी: 20%
पश्चिमी मध्य प्रदेश में कमी: 15%
47 जिलों में सामान्य से कम बारिश
औसत से कम बारिश वाले जिलों में शामिल हैं:
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।
इन 8 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में वर्षा सामान्य से 29% अधिक रही है।
28 से 30 जुलाई तक नए सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य भारत की ओर आएगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
जून के बाद जुलाई में भी बारिश का आंकड़ा पीछे
मौसम विभाग के मुताबिक जून में वर्षा कम रही थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन पिछले 9 दिनों से तेज बारिश का दौर नहीं बनने के कारण लगातार चौथे दिन बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
जुलाई में होती है मानसून की बड़ी हिस्सेदारी
राज्य में जुलाई का महीना मानसून के लिहाज से सबसे अहम माना जाता है। इस दौरान पूरे सीजन की लगभग 40% बारिश दर्ज होती है।
भोपाल की सामान्य वार्षिक बारिश: 39 इंच
जुलाई में सामान्य बारिश: 14 इंच
जबलपुर में जुलाई के दौरान सामान्य वर्षा: 17 इंच से अधिक
प्रदेश की सामान्य वर्षा
मध्य प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच है।
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