
भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के 32 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में धूप खिल सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। बेमौसम बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा मंडी में खुले में रखा मक्का भीग गया है और खेतों में खड़ी धान की फसल पर भी असर पड़ने की आशंका है।
इन 32 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के 32 जिलों में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तेज हवा चलने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
अलर्ट वाले जिलों की सूची:
- ग्वालियर-चंबल क्षेत्र: ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर।
- मालवा क्षेत्र: राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा और मंदसौर।
- महाकौशल क्षेत्र: जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी।
- विंध्य क्षेत्र: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और मैहर।
- अन्य जिले: शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।
भोपाल-इंदौर समेत 22 जिलों में धूप निकलने की उम्मीद
प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार के बीच मौसम विभाग ने 22 जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। इन इलाकों में धूप निकलने की संभावना है।
इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं।
मंडी में भीगा हजारों क्विंटल मक्का, धान की फसल पर भी संकट
बेमौसम बारिश का असर कृषि उपज पर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को पांढुर्णा मंडी में खुले स्थान पर रखे मक्के के ढेर बारिश में भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। बारिश जारी रहने पर धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
रायसेन में 200 ट्रॉलियों में आई धान की उपज बचाने की मशक्कत
रायसेन के दशहरा मैदान में करीब 200 ट्रॉलियों में धान लेकर पहुंचे किसानों को बारिश से अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए परेशानी उठानी पड़ी।
गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।
तुअर, कपास और संतरे की फसल को मिल सकती है राहत
बेमौसम बारिश से मक्का और धान की फसल को नुकसान की आशंका है, लेकिन कुछ दूसरी फसलों के लिए यह पानी फायदेमंद साबित हो सकता है। तुअर, कपास और संतरे की फसलों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
पचमढ़ी में 15.2 डिग्री पहुंचा रात का पारा
आंधी और बारिश के असर से गुरुवार को प्रदेश के कई इलाकों में दिन के समय ठंडक बढ़ गई। अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।
बीती रात प्रमुख स्थानों पर न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
- पचमढ़ी: 15.2 डिग्री सेल्सियस
- नौगांव: 15.6 डिग्री सेल्सियस
- अमरकंटक: 16.1 डिग्री सेल्सियस
- खरगोन: 17 डिग्री सेल्सियस
- दमोह: 17 डिग्री सेल्सियस
- धार: 17.1 डिग्री सेल्सियस
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे आने वाले दिनों में मौसम के साथ खेती-किसानी पर भी असर पड़ सकता है।
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