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मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, 12 जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी गिरने की संभावना, जानें पूरा मौसम अपडेट

14 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, 12 जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी गिरने की संभावना, जानें पूरा मौसम अपडेट
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून सिस्टम सक्रिय होने से 12 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश की चेतावनी है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बन सकता है।


मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है और इसके असर से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है।


12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक पानी गिरने की संभावना जताई गई है।


इन जिलों में भी बारिश के आसार

प्रदेश के कई अन्य जिलों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है। कहीं तेज बौछारें पड़ेंगी तो कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।

- भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा

- इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन

- झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम

- बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर

- मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा

- रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी


बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना बारिश की वजह

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 12 अगस्त की सुबह बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना था। अगले दिन 13 अगस्त की सुबह यह डिप्रेशन में तब्दील हो गया। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की तरफ बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मानसून टर्फ सक्रिय बनी रहेगी।


मध्य प्रदेश में इसी सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा के आसार हैं।


प्रदेश में सामान्य से कम बारिश

मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 524.8 मिमी यानी 20.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 597 मिमी यानी 23.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश करीब 2.8 इंच कम है और ओवरऑल कमी 12% दर्ज की गई है। क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20% कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 5% कम बारिश हुई है।


पूर्वी हिस्से के कई जिलों में 53% तक कमी

जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग वाले पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी 19% तक पहुंची है।


इन जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है:

बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया।

इन क्षेत्रों में बारिश की कमी 5% से 53% तक दर्ज की गई है।


पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का घाटा

पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम पानी गिरा है। इन जिलों में बारिश की कमी 3% से 47% के बीच दर्ज की गई है।


सिर्फ 12 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के केवल 12 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।


जून में कमी, जुलाई में कोटा पूरा

जून के दौरान मध्य प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। जुलाई के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हुआ। इससे जुलाई की बारिश का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। प्रदेश में अब भी कुल बारिश सामान्य से करीब 13% कम बताई गई है।


प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच

मध्य प्रदेश में पूरे मानसूनी सीजन के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। राजधानी भोपाल के साथ इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिलों में सामान्य बारिश लगभग 38 से 39 इंच रहती है।

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