
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अगले तीन दिनों तक कमजोर रहने वाली हैं। 9, 10 और 11 सितंबर को प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 12 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार 11 सितंबर तक भारी या अति भारी बारिश का अनुमान नहीं है। इसी दौरान बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होगा, जिसका असर 12 सितंबर से प्रदेश में दिखाई देना शुरू हो सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बनेगा लो प्रेशर एरिया
पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर को लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने की संभावना है। इसके अगले दिन यानी 12 सितंबर से मध्य प्रदेश में इसका असर शुरू हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक अभी प्रदेश में कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है। इसलिए अगले तीन दिनों में तेज बारिश की संभावना कम है।
12 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने 12 सितंबर को छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में भारी बारिश का अनुमान जताया है। 9 से 11 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है। स्थानीय सिस्टम सक्रिय होने और पर्याप्त नमी मिलने पर कुछ जिलों में तेज बारिश भी हो सकती है।
मंगलवार को अधिकांश हिस्सों से गायब रहे बादल
मंगलवार को मौसम विभाग की नई सैटेलाइट तस्वीरों में मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की मौजूदगी नहीं मिली। इसके चलते भोपाल समेत कई जिलों में तेज धूप देखने को मिली। श्योपुर, उज्जैन, इंदौर, धार, खरगोन और बड़वानी में मौसम अलग रहा। इन इलाकों में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहे।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सुधरा
प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से 1% तक कम दर्ज की गई है।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश:
बालाघाट
छिंदवाड़ा
डिंडौरी
दमोह
जबलपुर
कटनी
नरसिंहपुर
पांढुर्णा
मंडला
रीवा
सागर
सिवनी
इन जिलों में बारिश की कमी 4% से 24% तक दर्ज की गई है।
बाढ़ के हालात से सुधरा बारिश का आंकड़ा
पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा बेहतर हुआ है। कई जिलों में बीते सप्ताह से बने बाढ़ जैसे हालात का असर भी इस सुधार में दिखाई दिया है। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा बारिश के आंकड़ों में बेहतर स्थिति में पहुंचा है। सोमवार तक यह आंकड़ा 1% ज्यादा रहा था।
पश्चिमी हिस्से के 21 जिलों में बारिश कम
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश 7% से 55% तक कम हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की स्थिति एक जैसी नहीं रही है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
IMD के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें शामिल हैं: अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी।
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