
भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के असर से बारिश का दौर फिर शुरू हो गया है। शनिवार सुबह भोपाल, धार और बड़वानी के सेंधवा में बारिश हुई, जबकि खेतों में पानी भर गया और सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया।
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश से पिछले 3-4 दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
इन जिलों में मौसम की गतिविधियां बढ़ने के साथ बारिश का असर दिखाई दे रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
48 जिलों में हल्की से तेज बारिश के आसार
सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, आलीराजपुर, बुरहानपुर, झाबुआ, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, रतलाम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
31.5 इंच बारिश, सामान्य से 2.7 इंच कम
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस सीजन अब तक 801.3 मिमी यानी 31.5 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। अब तक सामान्य बारिश का आंकड़ा 868.6 मिमी यानी 34.2 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य से 2.7 इंच कम बारिश हुई है और ओवरऑल बारिश 8 प्रतिशत कम है।
पूर्वी हिस्से में कमी सिर्फ 1 प्रतिशत
बारिश के आंकड़ों में पिछले एक सप्ताह के दौरान सुधार हुआ है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 1 प्रतिशत कम रह गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 14 प्रतिशत है।
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग वाले पूर्वी हिस्से में कमी 1 प्रतिशत तक बताई गई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 3% से 26% तक कम बारिश हुई है।
कई जिलों में बाढ़ के हालात से सुधरा आंकड़ा
पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बारिश बढ़ने से सीजन के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है।
इन इलाकों में आंकड़ा एक समय बेहतर स्थिति में पहुंचा था, लेकिन बुधवार तक पूर्वी हिस्से में सामान्य से बारिश का अंतर 1 प्रतिशत रह गया।
पश्चिमी MP के 22 जिलों में बारिश की कमी
पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में कमी 1% से 56% तक रही है।
इन 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
IMD के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
बारिश थमने से बढ़ी थी गर्मी और उमस
प्रदेश के कई जिलों में पिछले 3 से 4 दिन से बारिश नहीं हुई थी। बारिश की गतिविधियां कम होने के कारण गर्मी के साथ उमस भी बढ़ गई थी।
अब दोबारा बारिश होने से मौसम में राहत मिलने की संभावना है। भोपाल, धार और सेंधवा में शनिवार सुबह हुई बारिश ने मानसून की सक्रियता का असर दिखाया है।
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