
भोपाल। मध्य प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी हिस्से में अगले 48 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। मौसम केंद्र ने शनिवार को जबलपुर और रीवा सहित 18 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
सतना और मैहर में स्कूलों की छुट्टी
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्थानीय स्तर पर स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।
सतना: नर्सरी से कक्षा 8वीं तक अवकाश
मैहर: नर्सरी से कक्षा 12वीं तक अवकाश
यह अवकाश शनिवार के लिए घोषित किया गया है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
अगले 24 घंटे में भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अनुमान है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा और मंदसौर में बूंदाबांदी हो सकती है।
इसके अलावा शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर और पन्ना में भी हल्की बारिश का अनुमान है।
अगले 48 घंटे क्यों अहम?
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक सितंबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश का मौसम फिर सक्रिय हुआ है। गहरे अवदाब की ताकत लगातार घट रही है, लेकिन उसकी उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़त और उससे मिलने वाली नमी पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला बनाए रखने में सक्षम है।
अगले दो दिन प्रशासन, किसानों और आम लोगों के लिए खास सतर्कता वाले हैं। नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों में गैरजरूरी आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
मानसून की विदाई में अब 5 दिन
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का निर्धारित समय 1 जून से 30 सितंबर तक है। इस हिसाब से मानसून की सामान्य अवधि खत्म होने में अब 5 दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है और आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश से भी इसकी विदाई शुरू होने की संभावना है।
प्रदेश में सामान्य से 2.2 इंच कम बारिश
IMD के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 880.5 मिमी यानी 34.7 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य आंकड़ा 937.9 मिमी यानी 36.9 इंच है। इस तरह प्रदेश में अब तक 2.2 इंच कम बारिश हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 6% कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर पर पहुंच गया है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% कम बारिश दर्ज हुई है।
इन जिलों में बारिश की कमी
बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य की तुलना में 4% से 21% तक कम बारिश हुई है।
पिछले सप्ताह बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है और शुक्रवार को पूर्वी हिस्से का आंकड़ा सामान्य स्तर पर पहुंच गया।
पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
इस मानसूनी सीजन में कुछ जिलों ने सामान्य बारिश का आंकड़ा पार किया है। IMD के अनुसार इन 23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है:
अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी।
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