
भोपाल। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सतना और चित्रकूट में नदी-नालों के उफान से सड़कों, थाने और पेट्रोल पंप तक पानी पहुंच गया है, जबकि कई जगह बाढ़ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि अब तक प्रदेश में सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश दर्ज हुई है।
सतना में सड़कें डूबीं, थाने तक पहुंचा पानी
लगातार बारिश के कारण सतना जिले के कई इलाकों में स्थिति खराब हुई है। नागौद थाना परिसर और सिंहपुर चौराहे पर स्थित बागरी पेट्रोल पंप में पानी भर गया है। कोतवाली चौक से कलेक्ट्रेट की तरफ जाने वाला मार्ग भी प्रभावित हुआ है। सड़क पर कमर तक पानी जमा होने के कारण इस रास्ते से आवागमन बंद हो गया है।
चित्रकूट में मंदाकिनी का पानी सड़कों तक
चित्रकूट में बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का पानी सड़कों तक पहुंच गया है। सती अनसुईया क्षेत्र में जलस्तर रेलिंग तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पानी बढ़ने की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ सड़कों पर नाव चलाने की नौबत बन गई है।
कोठी में मकान गिरा, 2 भैंसों की मौत
सतना के कोठी में बारिश के दौरान एक मकान गिर गया। मलबे में 4 भैंसें दब गईं। हादसे में 2 भैंसों की मौत हो गई, जबकि बाकी भैंसों के मलबे में दबने की जानकारी दी गई है।
बानसुजारा बांध के 8 गेट खोले
छतरपुर में जलभराव और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बानसुजारा बांध के 8 गेट खोल दिए गए हैं। धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जाएगा। इससे धसान नदी का जलस्तर करीब 7 से 9 फीट तक बढ़ने की संभावना है।
इन 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
शनिवार को मौसम विभाग ने रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल में रिमझिम बारिश होने की संभावना है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश की संभावना कम बताई गई है।
17 जिलों में हल्की से तेज बारिश संभव
प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। इन जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है—
जबलपुर
छिंदवाड़ा
नरसिंहपुर
मंडला
डिंडौरी
पांढुर्णा
सतना
सिंगरौली
मऊगंज
मैहर
उमरिया
सागर
पन्ना
दमोह
छतरपुर
टीकमगढ़
निवाड़ी
लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ एक्टिव
IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार प्रदेश के ऊपर लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और मानसून ट्रफ सक्रिय है। हालांकि, इन सिस्टम का प्रभाव पूरे मध्य प्रदेश में नहीं है। यही वजह है कि प्रदेश के सभी जिलों में एक जैसी बारिश की संभावना नहीं है और अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का असर अलग रह सकता है।
सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 683.9 मिमी यानी 26.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 750.9 मिमी यानी 29.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश सामान्य से 2.6 इंच कम है। ओवरऑल बारिश में 9% की कमी दर्ज हुई है। क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 6% कम और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश हुई है।
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