
भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय तीन मानसूनी सिस्टम के असर से रविवार को पश्चिमी हिस्से में बारिश का जोर रहा। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि बड़वानी में नदी-नाले उफान पर आ गए।
बारिश के दौरान मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए। टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के 4 गेट खोलने पड़े। मौसम विभाग ने सोमवार को 7 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
तीन सिस्टम के असर से बदला मौसम
मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार प्रदेश में लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र के साथ ट्रफ समेत 3 मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनका प्रभाव खासतौर पर पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिखाई दे रहा है। अब तक अपेक्षाकृत सूखे रहे इंदौर और उज्जैन संभाग में भी भारी बारिश दर्ज हुई।
कई जिलों में तेज बारिश, नदी-नाले उफने
रविवार को बड़वानी के सेंधवा में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती का जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई। महू, ओंकारेश्वर और रतलाम समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी भी उफान पर रही।
चंबल में नहाते समय पिता-पुत्र डूबे
मुरैना में रविवार को चंबल नदी में नहाते समय पिता और पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन करने के लिए आए थे।
बान सुजारा बांध के 4 गेट खोले
टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध का जलस्तर बढ़ा। इसके चलते प्रशासन ने बांध के 4 गेट खोल दिए।
सोमवार को इन 7 जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में सोमवार को भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा इन जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है:
- भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा
- इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ
- आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा
- ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड
- जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा
- रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर
- शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी
15 सितंबर से बारिश की रफ्तार घटेगी
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि 13 सितंबर को हुई बारिश को अलग-थलग घटना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की दिशा में आगे बढ़ने के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश का असर बना रह सकता है।
15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसके दायरे में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

