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नवंबर में इन पांच शहरों में पड़ती है सबसे ज्यादा ठंड, कहीं 3 तो कहीं 6 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा

07 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
नवंबर में इन पांच शहरों में पड़ती है सबसे ज्यादा ठंड, कहीं 3 तो कहीं 6 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम अब करवट लेने की तैयारी में है। दिवाली के बाद रात की ठंड बढ़ने के आसार हैं और अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, कुछ शहरों में रात का पारा 10 से 11 डिग्री तक पहुंच सकता है। अभी प्रदेश में दिन और रात के तापमान के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इंदौर में न्यूनतम तापमान सबसे कम दर्ज हुआ, जबकि छिंदवाड़ा में अधिकतम तापमान ने प्रदेश के बाकी शहरों को पीछे छोड़ दिया।


इंदौर प्रदेश में सबसे ठंडा, छिंदवाड़ा में सबसे गर्म रहा मौसम

बीती रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इंदौर में पारा 12 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था।


अन्य शहरों में दर्ज न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:

- शहडोल के कल्याणपुर और दमोह में 12.2 डिग्री।

- शाजापुर के गिरवर में 12.6 डिग्री।

- उमरिया में 12.7 डिग्री।

- भोपाल और पचमढ़ी में 12.8 डिग्री सेल्सियस।


दिन के तापमान में छिंदवाड़ा सबसे आगे रहा। यहां अधिकतम पारा 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, बैतूल, शिवपुरी और करौंदी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या इससे नीचे रहा।


रूपचौदस और दिवाली पर नहीं होगी बारिश

त्योहारी मौसम के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए राहत भरा अनुमान जताया है। शनिवार को कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस दिन रूपचौदस मनाई जाएगी। 8 नवंबर को दिवाली के दिन भी प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। आंधी और बारिश की चेतावनी नहीं होने से त्योहार के दौरान मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।


15 नवंबर के बाद तेजी से बदलेगा मौसम

पिछले 10 वर्षों के मौसम के आंकड़ों में नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड बढ़ने का रुझान सामने आया है। इस साल भी इसी तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में गिरावट तेज होगी। ग्वालियर-चंबल संभाग में इसका असर अधिक रहने की संभावना है, क्योंकि इन इलाकों में उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा प्रभाव पड़ता है। ग्वालियर में नवंबर महीने के दौरान ऐतिहासिक रूप से न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा चुका है।


भोपाल में नवंबर के दौरान 6.1 डिग्री तक गिर चुका है पारा

राजधानी में नवंबर के महीने में रात का तापमान सामान्य तौर पर 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े भी इसी तरह का रुझान दिखाते हैं। इस बार दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आने का अनुमान है। भोपाल में अब तक नवंबर महीने का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है। यह रिकॉर्ड 30 नवंबर 1941 का है। बारिश के लिहाज से भी नवंबर राजधानी के लिए महत्वपूर्ण रहता है।


- पिछले 10 वर्षों में नवंबर के दौरान 3 बार बारिश हो चुकी है।

- वर्ष 1936 में नवंबर महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।


इंदौर में नवंबर में 5.6 डिग्री तक पहुंच चुका है तापमान

इंदौर में नवंबर के दूसरे सप्ताह से रातें अधिक ठंडी होने लगती हैं। इस दौरान न्यूनतम तापमान सामान्य तौर पर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। शहर में अब तक नवंबर महीने का सबसे कम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह रिकॉर्ड 25 नवंबर 1938 का है। दिन के समय तापमान सामान्य तौर पर 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। नवंबर में कभी-कभार बारिश भी होती है।


ग्वालियर में 1970 में 3 डिग्री तक पहुंचा था पारा

ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तर से आने वाली हवाओं के कारण सर्दी का असर अधिक रहता है। पिछले 10 वर्षों के दौरान ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। शहर का ऐतिहासिक न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड वर्ष 1970 में 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन के तापमान में भी यहां काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। 2 नवंबर 2001 को अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जबकि सामान्य तौर पर यह 33 से 35 डिग्री के बीच रहता है। बारिश के मामले में भी ग्वालियर का नवंबर महीना खास रहा है।

- वर्ष 1927 में पूरे नवंबर में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी।

- पिछले 10 वर्षों में नवंबर के दौरान 3 बार बारिश दर्ज की गई है।


जबलपुर में 3.9 डिग्री तक गिर चुका है न्यूनतम तापमान

जबलपुर में पिछले 10 वर्षों के दौरान वर्ष 2022 में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। शहर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड इससे भी नीचे है। 12 नवंबर 1989 को यहां न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बारिश के पुराने आंकड़े भी नवंबर में मौसम बदलने की संभावना दिखाते हैं। वर्ष 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले 10 वर्षों में नवंबर के दौरान दो बार बारिश दर्ज की गई है। जबलपुर में दिन का तापमान सामान्य तौर पर 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।


उज्जैन में नवंबर का ऐतिहासिक न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री

उज्जैन में पिछले 10 वर्षों के दौरान नवंबर में रात का तापमान सामान्यतः 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। दिन के समय पारा 33 से 35 डिग्री तक पहुंचता है। शहर में 6 नवंबर 2008 को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, 30 नवंबर 1974 को न्यूनतम तापमान गिरकर 2.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम के पुराने रिकॉर्ड में उज्जैन का न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का आंकड़ा भी दिया गया है। दोनों ऐतिहासिक आंकड़ों में अंतर है।

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