
भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का प्रभाव अब कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे में प्रदेश के केवल पांच जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
त्योहारों से पहले मौसम में राहत मिलने के संकेत हैं। 5, 6 और 7 नवंबर को प्रदेश में बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है। धनतेरस और दीपावली पर आसमान साफ रहने का अनुमान है।
इन 5 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम केंद्र के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तूफान 'मुरासु' का असर दिखाई दिया। कई स्थानों पर बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलीं। बुधवार से इसका प्रभाव घटने की संभावना है। अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है:
- सिवनी
- मंडला
- बालाघाट
- डिंडौरी
- अनूपपुर
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर सहित प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम खुला रहने और धूप निकलने का अनुमान है।
धनतेरस और दीपावली पर नहीं होगी बारिश की परेशानी
त्योहारी खरीदारी और दीपावली की तैयारियों के बीच मौसम को लेकर राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने 5, 6 और 7 नवंबर को आंधी-बारिश की आशंका नहीं जताई है। इन तारीखों पर आसमान साफ रहने की संभावना है। इससे धनतेरस और दीपावली के दौरान मौसम संबंधी बाधा आने के आसार कम हैं।
पचमढ़ी में रात का तापमान 13.2 डिग्री
प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आगामी चार दिनों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। बीती रात प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाजापुर के गिरवर में पारा 14.4 डिग्री, भोपाल में 15.1 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 15.4 डिग्री और कटनी के करौंदी में 15.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। पचमढ़ी प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। यहां दिन के तापमान में भी तेजी से गिरावट आई है। महज दो दिनों में अधिकतम तापमान घटकर 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा महसूस होगी ठंड
अमरकंटक, मलाजखंड, बैतूल, नरसिंहपुर और सिवनी प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल हैं। दूसरी तरफ मंडला में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। प्रदेश में दिन के तापमान में भी करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से सर्दी का असर ज्यादा महसूस होने लगेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में इसका प्रभाव अधिक रह सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र में उत्तरी हवाएं सीधे पहुंचती हैं। पिछले वर्षों के रिकॉर्ड भी यहां कड़ाके की ठंड की संभावना दिखाते हैं।
- ग्वालियर: नवंबर में 57 साल पहले न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ था।
- उज्जैन: 53 साल पहले नवंबर में पारा गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बारिश का ट्रेंड
नवंबर के महीने में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश हो सकती है।
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