सोमवार, 08 जून 2026
Logo
Madhaya Pradesh

मानसून अभी दूर, लेकिन MP में बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड! जून में कोटे से 65% ज्यादा पानी

08 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
यह AI जनरेटेड फोटो है।

यह AI जनरेटेड फोटो है।

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने अभी आधिकारिक दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। जून के शुरुआती दिनों में ही प्रदेश में सामान्य से 65% अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है, जिससे कई जिलों में गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि जून के इस समय तक सामान्य बारिश का औसत केवल 8.3 मिमी माना जाता है।


कई जिलों में बारिश ने बढ़ाई रफ्तार

प्री-मानसूनी गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में अब तक करीब 2 इंच पानी गिर चुका है। वहीं नीमच जिले में सबसे ज्यादा करीब ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा सतना, सीधी, बुरहानपुर, हरदा, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर और श्योपुर समेत कई जिलों में 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है।


महाराष्ट्र पहुंचा मानसून, MP में कब होगी एंट्री?

रविवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र में पहुंच गया। इसके बाद मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब मध्य प्रदेश पर टिक गई है। अनुमान है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की तारीख 15 जून मानी जाती है। पिछले साल मानसून 16 जून को पहुंचा था।


आज इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मौसम केंद्र भोपाल ने सोमवार के लिए कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी समेत कई जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों को तेज हवाओं और अचानक होने वाली बारिश को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।


प्री-मानसूनी सिस्टम बना बारिश की वजह

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मानसूनी बारिश नहीं, बल्कि प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। मौसम विभाग 1 जून से 30 सितंबर तक होने वाली बारिश को मानसूनी सीजन के रिकॉर्ड में शामिल करता है। यही वजह है कि मानसून की औपचारिक एंट्री से पहले भी कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज हो रही है। आने वाले दिनों में बादलों की सक्रियता और बढ़ सकती है।


भोपाल में नौतपा के दौरान भी बारिश का रिकॉर्ड

राजधानी भोपाल में नौतपा के दौरान बारिश होना कोई नई बात नहीं है। पिछले 14 वर्षों में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि 2 बार केवल बूंदाबांदी हुई। वर्ष 2018 और 2019 सबसे ज्यादा गर्म रहे, जब नौतपा के दौरान औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था। इस बार भी नौतपा के दौरान मौसम बार-बार बदलता रहा और बारिश ने गर्मी का असर काफी हद तक कम कर दिया।


अगले कुछ दिन कैसे रहेंगे?

मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, गरज-चमक और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मानसून की एंट्री से पहले ही जिस तरह बारिश हो रही है, उससे किसानों और आम लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन लगातार बदलता मौसम कई इलाकों में चुनौतियां भी बढ़ा सकता है।


अब सबकी नजर इस बात पर है कि मध्य प्रदेश में मानसून तय समय पर पहुंचता है या इस बार भी थोड़ी देरी करता है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें