
भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी ने मार्च की शुरुआत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कई जिलों में तापमान 30 से 36 डिग्री के बीच पहुंच चुका है और मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस महीने ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है। हालांकि, तेज गर्मी के बीच एक राहत की खबर भी है—वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस होगा सक्रिय, बदल सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 4 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। 6 मार्च को एक और सिस्टम बनने की संभावना है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। हालांकि, इससे तापमान में गिरावट नहीं बल्कि उल्टा दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान है।
मार्च में ही 40 डिग्री के करीब पहुंचेगा पारा
1 मार्च से प्रदेश में गर्मी का असर तेज हुआ है। अधिकांश जिलों में तापमान 30-36 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक कई शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। यह सामान्य से अधिक गर्मी का संकेत माना जा रहा है।
इन संभागों में 45 डिग्री तक जा सकता है तापमान
आने वाले अप्रैल और मई महीने सबसे ज्यादा गर्म रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है:
ग्वालियर-चंबल संभाग
यह इलाका हर साल भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है और इस बार भी हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग
इन जिलों में अप्रैल-मई के दौरान लू चलने की संभावना अधिक रहती है।
भोपाल-इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग
यहां भी तेज धूप और हीटवेव जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
मध्य प्रदेश में इस बार गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। मार्च में ही 40 डिग्री का आंकड़ा पार होने की संभावना चिंता बढ़ा रही है। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस से हल्की बारिश राहत दे सकती है, लेकिन अप्रैल-मई में भीषण गर्मी की तैयारी अभी से जरूरी है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

