
भोपाल। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट लेनी शुरू कर दी है। प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जबकि कुछ शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री इस बार सामान्य तारीख से 5 से 8 दिन देरी से हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि 30 मई के बाद प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जिससे लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
भिंड-दमोह में बारिश, खजुराहो और राजगढ़ में 45 डिग्री तक पहुंचा पारा
गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आया। भिंड, दमोह समेत कुछ जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओले गिरे। वहीं दूसरी तरफ खजुराहो, राजगढ़ सहित कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। शुक्रवार को भी ग्वालियर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
30 मई के बाद बढ़ेंगी प्री-मानसून गतिविधियां
मौसम वैज्ञानिक बीएस यादव के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। उनके मुताबिक 30 मई के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ेगी, तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनेगी। भोपाल समेत आसपास के जिलों में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है।
20 जून के बाद दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से केरल तट की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश तक पहुंचने में अभी कुछ समय लग सकता है। अनुमान है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 जून के बाद हो सकती है। सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून के आसपास मध्यप्रदेश पहुंचता है, लेकिन इस बार कुछ देरी की संभावना जताई गई है।
इस साल किन जिलों में ज्यादा बारिश के आसार?
मौसम विभाग के शुरुआती आकलन के अनुसार ग्वालियर, भिंड, नीमच, दमोह, अनूपपुर, उज्जैन, आलीराजपुर और बड़वानी में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो सकती है। जबकि अशोकनगर, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन, मंडला, डिंडौरी, खरगोन, बुरहानपुर और नरसिंहपुर में सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत कम बारिश का अनुमान जताया गया है। अन्य अधिकांश जिलों में सामान्य बारिश के करीब 90 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है।
मौसम को प्रभावित कर रही हैं ये बड़ी प्रणालियां
पाकिस्तान से ओडिशा तक फैली ट्रफ
मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्यप्रदेश और ओडिशा तक फैली द्रोणिका प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ा रही है। इसके कारण गरज-चमक, धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बन रही है।
चक्रवाती परिसंचरण का असर
मध्य पाकिस्तान और आसपास बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण गर्म और शुष्क हवाओं को बढ़ावा दे रहा है। यही वजह है कि कई जिलों में नौतपा जैसी स्थिति बनी हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय
उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का अप्रत्यक्ष असर मध्यप्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों पर पड़ सकता है। इससे कहीं-कहीं तेज हवाएं और स्थानीय मौसम परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बढ़ रही नमी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इनके कारण प्रदेश में नमी बढ़ने और प्री-मानसून गतिविधियों के तेज होने की संभावना है।
फिलहाल गर्मी से बचाव जरूरी
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। तापमान अभी भी कई जिलों में सामान्य से ऊपर बना हुआ है और लू का असर स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
हालांकि मौसम के बदलते संकेत बता रहे हैं कि मध्यप्रदेश में अब प्री-मानसून की दस्तक दूर नहीं है और अगले कुछ दिनों में गर्मी का तेवर थोड़ा नरम पड़ सकता है।
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