
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज अगले तीन दिनों तक बदला हुआ रह सकता है। तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से प्रदेश के 23 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 और 5 नवंबर को अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
मौसम में बदलाव के बीच प्रदेश में ठंड का असर भी बढ़ने लगा है। रात के तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है और मौसम विभाग ने नवंबर के दूसरे सप्ताह से सर्दी तेज होने का अनुमान जताया है।
जबलपुर समेत 23 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, तूफान मुरासु के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम बदल सकता है। अगले 24 घंटे के दौरान इन जिलों में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।
अलर्ट वाले 23 जिले:
- बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर
- हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर
- छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी
- बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर
- शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर
- सीधी, मऊगंज और सिंगरौली
इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है।
भोपाल-इंदौर समेत इन जिलों में खिली रहेगी धूप
प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का दूसरा रूप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने इन जिलों में आसमान साफ रहने और धूप निकलने का पूर्वानुमान जताया है।
साफ मौसम वाले 32 जिले:
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, रीवा, सतना, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।
6 नवंबर को धनतेरस पर बारिश की संभावना नहीं
त्योहार की खरीदारी करने वालों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान राहत देने वाला है। 4 और 5 नवंबर को बारिश का अलर्ट है, जबकि 6 नवंबर को मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। इसी दिन धनतेरस है। मौसम साफ रहने की स्थिति में बाजारों में खरीदारी के दौरान बारिश से परेशानी होने की आशंका नहीं रहेगी।
भोपाल से सागर तक सामान्य से नीचे पहुंचा तापमान
बारिश की संभावना के साथ प्रदेश में तापमान का ग्राफ भी नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, कई संभागों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 से 2.7 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। इनमें भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और सागर संभाग शामिल हैं।
रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल, रीवा और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.8 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है।
शाजापुर के गिरवर में सबसे सर्द रही रात
बीती रात प्रदेश के अलग-अलग शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली। शाजापुर के गिरवर में सबसे कम 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
प्रमुख स्थानों का न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
बीती रात प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान शाजापुर के गिरवर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दमोह में पारा 14.8 डिग्री, भोपाल में 15 डिग्री, पचमढ़ी में 15.4 डिग्री और कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में दिन का तापमान अभी भी करीब 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड, ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बाद सर्द हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तर दिशा से आने वाली हवाएं रात के तापमान को और नीचे ला सकती हैं। मध्यप्रदेश के शहरों में नवंबर के दौरान पहले भी कड़ाके की ठंड पड़ चुकी है। मौसम के पुराने रिकॉर्ड में कई ऐसे आंकड़े दर्ज हैं, जो इस महीने की सर्दी की तीव्रता बताते हैं।
- ग्वालियर: 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।
- उज्जैन: 53 साल पहले नवंबर में पारा गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में भी हो सकती है बारिश
नवंबर में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बारिश होने का पुराना ट्रेंड रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही मौसम प्रणाली सक्रिय होने से बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में भी नए सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं। इनके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
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