
भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। तूफान 'अर्नब' के कमजोर पड़ने के बावजूद शनिवार को 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, जबकि कई इलाकों में धूप निकलने का अनुमान है।
लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का खराब हो चुका है, जबकि प्रदेश के कई हिस्सों में धान और मंडियों में पहुंचा अनाज भी बारिश की चपेट में आया है।
27 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, इन इलाकों पर नजर
मौसम केंद्र भोपाल (IMD) ने शनिवार के लिए प्रदेश के 27 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।
अलर्ट वाले जिलों की सूची:
ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर।
जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और पांढुर्णा।
रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर।
शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।
भोपाल-इंदौर समेत 28 जिलों में खिलेगी धूप
प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का असर रहने के बावजूद कई जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। यहां शनिवार को धूप निकल सकती है।
इन जिलों में धूप रहने की संभावना है:
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा।
इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और झाबुआ।
उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम।
नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर और हरदा।
38 जिलों के 155 शहरों-कस्बों में दर्ज हुई बारिश
पिछले तीन दिनों के दौरान प्रदेश में बारिश का दायरा काफी बड़ा रहा है। अब तक 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश रिकॉर्ड की गई है।
प्रभावित स्थानों में भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, मुरैना और भिंड शामिल हैं।
जबलपुर संभाग और विंध्य क्षेत्र में भी बारिश का असर दर्ज किया गया। जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में पानी गिरा।
रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश रिकॉर्ड हुई।
अनूपपुर में 3 इंच से ज्यादा बारिश, 50 की रफ्तार से चली हवा
बारिश के आंकड़ों में अनूपपुर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। यहां तीन इंच से अधिक पानी गिरा, जबकि अमरकंटक में सवा दो इंच बारिश दर्ज की गई। सिंगरौली में भी करीब 2 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। अनूपपुर में आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का बर्बाद, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
लगातार बारिश का असर अब खेती और कृषि उपज मंडियों में साफ दिखाई देने लगा है। जिन खेतों में धान की फसल अभी कटाई के इंतजार में खड़ी है, वहां नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचाया जा रहा अनाज भी बारिश से भीग रहा है। पांढुर्णा में हजारों क्विंटल मक्का खराब हो चुका है, जिससे किसानों और अनाज कारोबार से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ी है।
दिन के तापमान में 3 डिग्री तक गिरावट, रातें भी ठंडी
बारिश और तेज हवाओं ने प्रदेश के तापमान को भी प्रभावित किया है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी दिन के समय कई शहरों में ठंडक महसूस की गई।
मौसम में आए बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज हुई। कई शहरों में न्यूनतम यानी रात के तापमान में भी गिरावट रिकॉर्ड की गई।
2 नवंबर तक जारी रह सकता है बदला हुआ मौसम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अगले 4 दिनों तक मौसम का यही मिला-जुला स्वरूप बना रह सकता है।
कुछ इलाकों में तेज धूप निकलेगी, जबकि दूसरे हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम प्रणाली का अधिक प्रभाव प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में रहने का अनुमान है।
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