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MP Weather Update: अक्टूबर में क्यों बदल रहा मौसम? 9 जिलों में बारिश, जानिए कब निकलेगी तेज धूप

09 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Weather Update: अक्टूबर में क्यों बदल रहा मौसम? 9 जिलों में बारिश, जानिए कब निकलेगी तेज धूप
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर थमा नहीं है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है, जबकि भोपाल और इंदौर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।


मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 और 11 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है। 12 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप निकलने की संभावना है। इस साल जून से सितंबर तक राज्य में सामान्य से 4% कम बारिश दर्ज की गई।


पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले दो दिन बारिश के आसार

साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पिछले चार दिनों से आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी हैं। मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने के कारण 10 और 11 अक्टूबर को भी कई इलाकों में वर्षा होने का अनुमान है।


मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 12 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है। इसके बाद आसमान साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान जताया गया है।


किसानों को मिट्टी की नमी देखकर लेना होगा फैसला

बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर होने वाली वर्षा से खेतों की ऊपरी मिट्टी में नमी बढ़ सकती है, लेकिन इससे पूरे प्रदेश में एक जैसी नमी की स्थिति नहीं बनेगी।


पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना को देखते हुए किसानों को बोवनी और सिंचाई का निर्णय अपने खेतों की स्थिति के आधार पर लेना होगा। इसके लिए मिट्टी में मौजूद नमी और सिंचाई के उपलब्ध साधनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।


3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून

दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश से लौट चुका है। इसके बावजूद सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है।


शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश के साथ गर्मी और ठंड का असर भी देखा गया है। इस बार भी अक्टूबर की शुरुआत में दिन के समय धूप, रात में ठंडक और कई जिलों में बारिश का मिला-जुला मौसम रहा है।


इस साल प्रदेश में मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। जून से सितंबर के बीच कुल 908.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 949.5 मिमी है। इस तरह पूरे प्रदेश में औसत से 4% कम वर्षा दर्ज की गई।


पूर्वी हिस्से में ज्यादा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में कम बारिश

पूरे मानसून सीजन में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा। पूर्वी क्षेत्र में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं।


पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में भी बारिश की कमी दर्ज की गई। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई।


पश्चिमी मध्य प्रदेश के 20 जिलों में सामान्य से 9% से 51% तक कम वर्षा दर्ज की गई। इनमें आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।


इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

प्रदेश के 25 जिलों में मानसून सीजन की सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इन जिलों के नाम हैं:


- भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन और कटनी

- मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना और दतिया

- पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर

- आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली और सीधी

- सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर


इसके विपरीत, शेष 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इस सूची में नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।


जून में कम बारिश से पीछे रह गया मानसून का आंकड़ा

इस मानसून सीजन में जून के दौरान सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज वर्षा से स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन बाद में मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश नहीं हुई।


सीजन के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई। इसके बावजूद शुरुआती कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा हुआ, लेकिन जून में कम हुई वर्षा का असर पूरे सीजन के आंकड़ों पर बना रहा।


प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस बार जून से सितंबर के बीच 908.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी के मुकाबले कम है।

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