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MP Weather Update: मध्य प्रदेश में 4 दिन बारिश का अलर्ट नहीं, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरने की संभावना

24 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में 4 दिन बारिश का अलर्ट नहीं, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरने की संभावना
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अब गर्मी से ठंड की ओर बढ़ रहा है। पश्चिमी हिस्से में 8 दिन से जारी बारिश थम गई है, जबकि मौसम विभाग ने अगले 4 दिन के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं दिया है।


रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में फिर बारिश हो सकती है।


अमरकंटक में पारा 13 डिग्री, कई शहरों में बढ़ी ठंडक

प्रदेश में सीजन की सबसे ठंडी रातों में से एक का असर दिखाई देने लगा है। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि दूसरे इलाकों में भी रात का पारा नीचे आया है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अनूपपुर के अमरकंटक में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कटनी के करौंदी में पारा 13.1 डिग्री, दमोह में 14.5 डिग्री और शाजापुर में 15.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा नीमच के मरुखेड़ा, रीवा और उमरिया में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।


मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट हो सकती है। रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी आने की संभावना जताई गई है।


भोपाल समेत 13 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से नीचे

दिन के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान अब 35 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। इनमें खजुराहो, रतलाम, गुना, खरगोन, भोपाल, खंडवा, छतरपुर, ग्वालियर, बालाघाट, राजगढ़, उज्जैन, मंडला और सागर शामिल हैं।


इंदौर-उज्जैन में चक्रवाती सिस्टम का असर

शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग संभागों में मौसम एक जैसा नहीं रहा। चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव इंदौर और उज्जैन संभाग में ज्यादा देखने को मिला।


आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा और बैतूल में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं बूंदाबांदी हुई। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश भी दर्ज की गई।


इसके विपरीत, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप खिली रही।


अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में फिर बरस सकते हैं बादल

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अक्टूबर का अंतिम सप्ताह पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा। नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बारिश होने की संभावना है।


इस दौरान रात का तापमान और नीचे जा सकता है। यानी महीने के आखिरी दिनों में बारिश और ठंड दोनों का असर देखने को मिल सकता है।


3 अक्टूबर को लौट चुका था मानसून, फिर क्यों हुई बारिश?

दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रदेश से विदाई 3 अक्टूबर को ही हो गई थी। पूरे मध्य प्रदेश से एक ही दिन में मानसून लौट गया था, लेकिन बाद में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो गया।


पिछले एक सप्ताह में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का प्रभाव रहा। कुछ इलाकों में तेज बारिश भी दर्ज की गई।


मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह के मौसम का रुझान देखने को मिलता है। इस साल भी इसी तरह की परिस्थितियां बनी हुई हैं।


अक्टूबर की शुरुआत में धूप और साफ मौसम के बाद रातों में ठंडक बढ़ी, जबकि कुछ जिलों में बारिश भी जारी रही। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।


मध्य प्रदेश में सामान्य से 1.5 इंच कम बारिश

जून से सितंबर के बीच प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है।


इस तरह मानसून सीजन में बारिश सामान्य से करीब 1.5 इंच कम रही। कुल बारिश सामान्य का 95.9% दर्ज की गई।


प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का अंतर भी स्पष्ट रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश दर्ज की गई।


इन जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम

पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों का कुल आंकड़ा सामान्य से 4% अधिक बताया गया है। इसके बावजूद पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में बारिश की कमी रही।


पूर्वी मध्य प्रदेश के जिले:

बालाघाट

छिंदवाड़ा

दमोह

जबलपुर

नरसिंहपुर

पांढुर्णा

रीवा

सागर

सिवनी


इन जिलों में सामान्य की तुलना में 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज की गई।


पश्चिमी मध्य प्रदेश के इन जिलों में भी कम बरसा पानी

पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। यहां सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई। प्रभावित जिलों में आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।


कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा होने या उससे अधिक पानी गिरने की जानकारी है, लेकिन इन क्षेत्रों में मौसमी बारिश अब भी सामान्य से कम बनी हुई है।

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