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एमपी में बारिश क्यों पड़ गई कमजोर? IMD ने बताया अगले चार दिन का पूरा मौसम और बारिश का नया अनुमान

20 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी में बारिश क्यों पड़ गई कमजोर? IMD ने बताया अगले चार दिन का पूरा मौसम और बारिश का नया अनुमान
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। इस अवधि में करीब 90% क्षेत्र बारिश की गतिविधियों से प्रभावित रह सकता है, जबकि कुछ जिलों में तेज वर्षा की संभावना भी बनी हुई है।


सोमवार के लिए दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर समेत 47 जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।


जुलाई में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे

भोपाल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, जुलाई में पिछले 12 दिनों से प्रदेश में व्यापक भारी बारिश नहीं हुई है। इसका असर मानसून के कुल आंकड़ों पर दिखाई दे रहा है और अब तक प्रदेश में सामान्य से 16% कम बारिश दर्ज की गई है।


अब तक मध्य प्रदेश में 261.4 मिमी (10.3 इंच) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 311.8 मिमी (12.3 इंच) माना जाता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा 23% कम रही है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी 10% की कमी दर्ज हुई है।


इन जिलों में भारी और हल्की बारिश का अलर्ट

भारी बारिश का अलर्ट

दमोह

मंडला

डिंडौरी


गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना 

भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।


इन जिलों में बारिश का अलर्ट नहीं 

नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन वर्षा की चेतावनी जारी नहीं की गई है।


किन जिलों में बारिश की स्थिति कैसी

कम बारिश वाले 39 जिले अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा।


सामान्य से अधिक बारिश वाले 16 जिले निवाड़ी, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, सीहोर और उज्जैन।


मौसम विभाग ने बताई बारिश की वजह

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, मानसून को अनुकूल बनाने वाले कई मौसमीय तंत्र सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम भारत से बंगाल की खाड़ी तक मानसून ट्रफ बनी हुई है। इसके अलावा झारखंड-बिहार, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तथा उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश-दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।


इन प्रणालियों के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मध्य भारत पहुंच रही है। इससे पूर्वी मध्य प्रदेश में संवहनीय बादलों का विकास हो रहा है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई है। मौसमीय तंत्र पश्चिम की ओर बढ़ने पर पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है।


जून के बाद जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, जून में भी वर्षा सामान्य से कम रही थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन लगातार 9 दिनों तक तेज बारिश नहीं होने से प्रदेश का बारिश का औसत फिर सामान्य से नीचे पहुंच गया।


जुलाई को मानसून का सबसे अहम महीना माना जाता है। इसी महीने प्रदेश में पूरे सीजन की करीब 40% बारिश होती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल में सामान्य वार्षिक वर्षा 39 इंच है, जिसमें लगभग 14 इंच जुलाई में दर्ज होती है। बड़े शहरों में जबलपुर में जुलाई के दौरान 17 इंच से अधिक सामान्य बारिश होती है।


प्रदेश की सामान्य बारिश और प्रमुख जिलों का हाल

मध्य प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है। देवास अब तक सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना हुआ है। यहां सामान्य से 102% अधिक बारिश दर्ज की गई है और अब तक 18 इंच पानी गिर चुका है। हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में 14 इंच, जबकि भोपाल में 13.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।


आगर-मालवा, अशोकनगर, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, विदिशा, अनूपपुर, बालाघाट, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सिवनी और उमरिया की स्थिति भी अपेक्षाकृत बेहतर है।


सबसे कम बारिश आलीराजपुर में हुई है, जहां अब तक केवल करीब सवा 2 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 74% कम है।

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