
भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं किसान इस वक्त दोहरी मार झेल रहे हैं। MSP पर खरीदी शुरू नहीं होने और बाजार में कम दाम मिलने से किसान मजबूर होकर फसल सस्ते में बेच रहे हैं—और अब गुस्सा सड़कों पर दिखने लगा है।
मंडियों में कम दाम, किसानों का बढ़ता आक्रोश
प्रदेश के कई जिलों में किसानों का विरोध खुलकर सामने आ रहा है। विदिशा में किसानों ने मंडी के बाहर चक्का जाम कर दिया। उनका आरोप है कि व्यापारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें MSP से काफी कम दाम मिल रहे हैं।
गुना-टीकमगढ़ में भी बवाल, पुलिस से टकराव
गुना में कम कीमत मिलने से नाराज किसानों ने सड़क जाम कर दी। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। बाद में प्रशासन को बीच-बचाव कर मामला शांत कराना पड़ा। वहीं टीकमगढ़ में इस बार मंडी में सिर्फ 15 हजार क्विंटल गेहूं आ रहा है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 40 हजार क्विंटल था।
युद्ध का असर: निर्यात ठप, दाम गिरे
ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव का असर अब गेहूं बाजार पर भी दिख रहा है। निर्यात ठप होने से व्यापारी ऊंचे दाम देने से बच रहे हैं, जिससे किसानों को सीधा नुकसान हो रहा है।
MSP तय, लेकिन खरीदी अभी शुरू नहीं
सरकार ने इस साल गेहूं का MSP ₹2625 प्रति क्विंटल तय किया है, साथ में ₹40 बोनस भी दिया जाएगा। लेकिन खरीदी शुरू न होने के कारण किसान अभी बाजार में कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं—जो उनके नुकसान की सबसे बड़ी वजह बन रहा है।
कब शुरू होगी सरकारी खरीदी?
सरकार के अनुसार इंदौर संभाग, उज्जैन संभाग, भोपाल संभाग, नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी, बाकी संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी और 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। यानी किसानों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा—और यही देरी उनकी परेशानी बढ़ा रही है।
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