
भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने रबी सीजन में गेहूं खरीदी की तारीख तय कर दी है। प्रदेश के कई संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि बाकी इलाकों में यह प्रक्रिया 7 अप्रैल से शुरू की जाएगी।
MSP के साथ मिलेगा बोनस, तय हुआ नया रेट
राज्य सरकार ने इस साल गेहूं खरीद के लिए किसानों को बेहतर दाम देने का फैसला किया है। सरकार ने समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद किसानों से गेहूं की खरीदी ₹2625 प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।
इन संभागों में 1 अप्रैल से खरीदी शुरू
सरकार के फैसले के मुताबिक प्रदेश के चार संभागों में सबसे पहले खरीदी प्रक्रिया शुरू होगी।
1 अप्रैल से शुरू होने वाले संभाग
इंदौर
उज्जैन
भोपाल
नर्मदापुरम
7 अप्रैल से शुरू होने वाले बाकी संभाग
प्रदेश के अन्य सभी संभागों में गेहूं खरीदी 7 अप्रैल से शुरू की जाएगी।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक खुले रहेंगे खरीदी केंद्र
सरकारी खरीदी केंद्रों पर गेहूं की खरीद सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। हालांकि यह प्रक्रिया केवल सरकारी कार्यदिवसों में ही चलेगी। छुट्टियों और त्योहारों के दिन गेहूं खरीदी नहीं की जाएगी।
19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक रबी सीजन 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है। यह संख्या पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। वर्ष 2025 में लगभग 15.44 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
इन जिलों में सबसे ज्यादा किसान रजिस्टर्ड
इस साल कई जिलों में किसानों ने बड़ी संख्या में पंजीयन कराया है।
सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन वाले जिले:
उज्जैन – 1,23,281 किसान
सीहोर – 1,01,793 किसान
राजगढ़ – 98,537 किसान
यह जिले गेहूं उत्पादन के लिहाज से भी प्रदेश के प्रमुख क्षेत्र माने जाते हैं।
इन जिलों में सबसे कम पंजीयन
कुछ जिलों में गेहूं बेचने के लिए किसानों की संख्या काफी कम रही।
सबसे कम पंजीयन वाले जिले:
अलीराजपुर – 476 किसान
बुरहानपुर – 523 किसान
पांढुर्णा – 863 किसान
अनूपपुर – 882 किसान
इन जिलों में खेती का स्वरूप अलग होने और गेहूं उत्पादन कम होने की वजह से पंजीयन कम माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य: किसानों को बेहतर दाम
राज्य सरकार का कहना है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की यह व्यवस्था किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए की जा रही है। समय पर खरीदी शुरू होने से किसानों को बाजार में कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
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